झबरेड़ा (रुड़की)। पुलिस ने नकली कीटनाशक दवाई बनाने वाली फैैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। फैक्टरी में एक नामी कंपनी के नाम से नकली दवाइयां बनाई जा रही थीं। पुलिस ने नामी कंपनी मालिक की तहरीर पर फैक्टरी चलाने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, कीटनाशक बनाने वाली कंपनी के मालिक पप्पू निवासी शिव कॉलोनी, विकास नगर गली नंबर-9 मोहन गार्डन उत्तम नगर (नई दिल्ली) ने शिकायत की थी कि उनकी कंपनी के नाम से नकली कीटनाशक दवाइयां बनाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि झबरेड़ा क्षेत्र के सुसाड़ी खुर्द गांव में देवबंद के एक व्यक्ति ने फैक्टरी लगा रखी है। कंपनी के नाम से नकली कीटनाशक दवाइयां बनाकर बाजार में बेची जा रही हैं। बताया कि उनकी कंपनी फसलों के बचाव के लिए फरटेरा नाम से दवाई बनाती है। इस पर पुलिस कंपनी मालिक को साथ लेकर गांव पहुंची और फैक्टरी पर छापामारी की, जहां जांच में शिकायत सही पाई गई। फैैक्टरी से फरटेरा नाम से नकली कीटनाशक दवाई मिली। इसके अलावा पुलिस ने मौके से नकली कीटनाशक रिजेंट के 42 पैकेट और नौ नकली कीटनाशक फरटेरा बरामद किए। साथ ही पांच टन पैटिरियन, पैकिंग, सिलाई मशीन, मिक्चर और ग्राइंडर भी बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने पूरा सामान अपने कब्जे में ले लिया। कंपनी मालिक की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। एसओ रविंद्र कुमार ने बताया कि फैक्टरी में नकली कीटनाशक दवाइयां बनाई जा रही थीं। फैक्टरी ललित निवासी दुगचाड़ी, थाना देवबंद के नाम पर चल रही है। फैक्टरी में छापामारी के दौरान ललित के पिता मिले। पूछताछ में उसके पिता ने बताया कि फैक्टरी उनके बेटे के नाम है। वह इस बारे में कुछ नहीं जानते हैं। एसओ ने बताया कि तहरीर के आधार पर ललित के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है।