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अब लेटर बॉक्स में डाली गई हर चिट्ठी पहुंचेगी घर

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रुड़की। अब डाकिया लेटर बॉक्स में गिराए गए पत्रों के बाबत लापरवाही नहीं कर सकेंगे। इससे पहले तक यह आरोप लगते रहे हैं कि कई बार डाकिये बॉक्स में डाले गए सभी पत्रों को कलेक्ट नहीं करते हैं और आपकी चिट्ठियां अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पातीं। अब इसके समाधान के लिए डाक विभाग ने नान्यथा साफ्टवेयर लांच किया है। इस साफ्टवेयर के जरिए लेटर बॉक्स पर लगे बार कोड को स्कैन करने के बाद चिट्ठियों की संख्या दर्ज की जाएगी। बताया जा रहा है कि इससे लेटर बॉक्स में डाले गए पत्रों के अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचने की शिकायतें खत्म हो जाएंगी।
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रुड़की सिविल लाइंस स्थित मुख्य डाकघर में 23 जुलाई को यह साफ्टवेयर लांच कर दिया गया है। इसके लिए यहां लगे 13 लेटर बॉक्सों पर स्पेशल नंबर और बार कोड डाले गए हैं। विभाग की ओर से तैनात दो कर्मचारी स्मार्ट फोन से पत्रों की संख्या गिनेंगे। साथ ही संबंधित लेटर बॉक्स का बार स्कैन करेंगे और फिर पत्रों की संख्या को नान्यथा सॉफ्टवेयर में फीड करेंगे। पत्रों की संख्या को डाककर्मी सॉफ्टवेयर में फिंगर प्रिंट लगाने के बाद समिट करेंगे। इससे डाककर्मियों की जवाबदेही भी तय हो जाएगी और चिट्ठियों के बीच में गायब होने की संभावना नहीं होगी। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पोस्टमास्टर समेत तमाम आला अधिकारी चिट्ठियों की निगरानी कर सकेंगे। इससे माना जा रहा है कि लेटर बॉक्स में डाले गए पत्रों को अंदर ही छोड़ने की संभावनाएं पूरी तरह खत्म होंगी। फिलहाल यह सेवा रुड़की में शुरू की गई है।
कई बार हफ्तों तक नहीं खुलता था लेटर बॉक्स का ताला
आमतौर पर लेटर बॉक्स में डाले गए खुले पत्रों को लेकर डाककर्मी गंभीर नहीं होते थे। यहां तक कि शहर के बाहरी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में आरोप लगाए जाते थे कि उनके गांव में हफ्ते भर तक लेटर बॉक्स का ताला नहीं खुलता है, लेकिन अब नान्यथा सॉफ्टवेयर के जरिए निगरानी होने से इस तरह की शिकायतों का भी निस्तारण हो सकेगा।
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कोट
डाकघर में नान्यथा सॉफ्टवेयर लांच हो चुका है। लेटर बॉक्सों पर बार कोड लगा दिए गए हैं। साथ ही दो कर्मचारियों को लेटर बॉक्स में पड़ी चिट्ठियों को गिनने का काम सौंपा गया है। इसके बाद इनकी संख्या को सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जा रहा है।
-रमेश दत्त रतूड़ी, मुख्य पोस्टमास्टर रुड़की
डाकघर में हर रोज बन रहे 60 आधार कार्ड
रुड़की। डाकघर में आधार कार्ड बनाने की गति में तेजी आई है। अब हर दिन 30 आधार कार्ड की बजाय करीब 60 आधार प्रतिदिन बन रहे हैं।
मुख्य पोस्टमास्टर आरडी रतूड़ी ने बताया कि अब आधार बनाने की गति में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि जहां एक दिन में पहले 30 कार्ड बनाने और संशोधन करने का काम होता था, वह बढ़कर 60 तक पहुंच गया है। कर्मचारियों को तेज स्पीड में काम करने को कहा गया है।
डाकघर में राखी के लिफाफे पहुंचे
रुड़की। डाकघर में राखी के लिफाफे पहुंच गए हैं। लिफाफे लेने के लिए लोग दूर दूर से पहुंच रहे हैं। वहीं मुख्य डाकघर की आरे से मांग के अनुरूप सभी उप डाकघरों और शाखा डाकघरों को लिफाफे भेजे गए हैं। ये लिफाफे वाटर प्रूफ होंगे। एक लिफाफे की कीमत 10 रुपये है। मुख्य पोस्टरमास्टर ने बताया कि मांग के अनुरूप लिफाफे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
डाकघर में 100 रुपये के पोस्टल आर्डर आए
रुड़की। मुख्य डाकघर में अब 100 रुपये के पोस्टल आर्डर उपलब्ध हो गए हैं। करीब 20 दिन से डाकघर में पोस्टल आर्डर उपलब्ध न होने से अशासकीय विद्यालयों में प्रवक्ता भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे थे। प्रवक्ता भर्ती के लिए 300 रुपये के पोस्टल आर्डर और डिमांड ड्राफ्ट मांगे गए थे। पोस्टल आर्डर न मिलने पर अभ्यर्थी परेशान हो रहे थे। मुख्य पोस्टमास्टर आरडी रतूड़ी ने बताया कि अब पोस्टल आर्डर आ गए हैं।
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