कम उम्र की महिलाओं में बढ़ रहा गठिया-बाई का दर्द 25 से 40 वर्ष की महिलाएं पहुंच रही सिविल अस्पताल
कैल्शियम, विटामिन-डी की कमी और अनियमित दिनचर्या का पड़ रहा असर
शाहरूख सामानी
रुड़की। पहले बढ़ती उम्र की बीमारी मानी जाने वाली गठिया-बाई की समस्या अब कम उम्र की महिलाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। सिविल अस्पताल में रोजाना 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग की करीब 20 से 25 महिलाएं जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। सिविल अस्पताल के चिकित्सक ऑर्थो सर्जन डॉ़ सतीश कुमार ने बताया कि बदलती जीवनशैली, पोषण की कमी और शारीरिक गतिविधियां कम होने से यह समस्या बढ़ रही है। डॉ़ सतीश ने बताया कि महिलाओं में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, लंबे समय तक बैठे रहना, तनाव और खानपान में लापरवाही गठिया-बाई के दर्द को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं। कई मामलों में महिलाओं को सुबह उठते समय हाथ-पैरों के जोड़ों में जकड़न, घुटनों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी महसूस हो रही है। बताया कि सर्दी में यह दर्द अधिक बढ़ जाता है। डॉ़ सतीश ने बताया कि कई महिलाएं शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं जिससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। समय पर जांच नहीं होने पर जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है। उन्होंने महिलाओं को संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने, धूप में समय बिताने और शरीर में कैल्शियम और विटामिन-डी का स्तर बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अकड़न महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने को कहा है।
इन बातों का रखे विशेष ध्यान
गठिया के कुछ मरीजों में आलू, टमाटर, और बैंगन खाने से दर्द बढ़ सकता है। यदि इन्हें खाने के बाद परेशानी महसूस होती है, तो इनसे परहेज करें। वहीं खट्टे फल, मैदा, चीनी, रेड मीट, अत्यधिक नमक और तले-भुने प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए और ठंडे पदार्थों का सेवन करना भी दर्द को बढ़ा सकता है।