रुड़की के नारसन बॉर्डर पर तैनात एक शिक्षक ने बिना पास के प्रदेश में एंट्री करवाने के लिए लोगों से पैसे मांगे तो उन्होंने हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में ले लिया। साथ ही मामले की शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
कोरोना संक्रमण के चलते बाहरी प्रदेशों से आने वाले वाहनों के लिए पास अनिवार्य है। व्यवस्था के पालन के लिए नारसन बॉर्डर पर पुलिस के साथ-साथ शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बृहस्पतिवार रात दूसरे प्रदेश से कुछ लोग नारसन बॉर्डर पर पहुंचे। यहां तैनात एक शिक्षक ने उनसे पास के बारे में पूछा, लेकिन उनके पास नहीं बने थे। आरोप है कि इस पर शिक्षक ने उनसे प्रति व्यक्ति के हिसाब से पर्ची बनवाने के लिए 300 रुपये ले लिए।
ये लोग जब वहां से निकासी द्वार पर पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने रोककर पास मांगा। इस पर उन लोगों ने बताया कि पास नहीं होने पर ड्यूटी में तैनात एक कर्मचारी ने उनसे 300 रुपये लेकर पर्ची बनाई है, लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया। इसे लेकर उन लोगों ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने संबंधित शिक्षक को हिरासत में ले लिया और उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।
साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत की। चौकी प्रभारी लक्ष्मण सिंह कुंवर ने बताया कि एक शिक्षक अवैध तरीके से 300 रुपये में पर्ची बना रहा था। हंगामा करने वाले यात्रियों ने उसे पहचान लिया। उसे हिरासत में ले लिया गया है। चेक पोस्ट प्रभारी जय सिंह ने बताया कि शिकायत आला अधिकारियों से की गई है।
शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहीं, कुछ दिन पहले नारसन बॉर्डर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर वसूली करते एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। मामले में पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम से कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
-नमामि बंसल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट