थाने में वर्षों से बिना कनेक्शन के ही बिजली जल रही है, लेकिन ऊर्जा निगम के अधिकारी बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि कनेक्शन के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारी थानेदार से मिन्नतें कर रहे हैं, लेकिन पुलिसवाले बेपरवाह हैं।
ऊर्जा निगम की ओर से आम उपभोक्ताओं के खिलाफ आए दिन छापेमारी कर बिजली काटी जा रही है, लेकिन खाकी के खिलाफ कार्रवाई में ऊर्जा निगम के पसीने छूट रहे हैं। यही कारण है कि ग्रामीण खंड के अंतर्गत झबरेड़ा थाने में आज तक बिना कनेक्शन के ही बिजली जल रही है। सूत्रों के अनुसार शहर और देहात के अधिकांश थानों पर ऊर्जा निगम का लाखों रुपये बिजली का बिल बकाया है, लेकिन झबरेड़ा इकलौता ऐसा थाना है जहां बिना कनेक्शन के ही बिजली जल रही है। ऐसा भी नहीं है कि इस संबंध में ऊर्जा निगम के अधिकारियों को जानकारी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार कई बार झबरेड़ा थाने में कनेक्शन के लिए पुलिसवालों और थानेदार से कहा गया। फार्म भी भिजवाया गया, लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं लिया गया। यानी थाने में खुलेआम बिजली की चोरी हो रही है। थाना परिसर में भी बिना कनेक्शन बिजली जल रही है। दूसरी ओर गांवों में पेयजल समितियों के कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। साथ ही बकाया वसूली के लिए उन्हें आरसी जारी की जा रही है।
निगम अधिकारियों की सुनिए
ऊर्जा निगम के एसडीओ अक्षय कपिल का कहना है कि झबरेड़ा थाने में बिजली कनेक्शन के लिए कई बार कहा गया। इस संबंध में थाने में फार्म भी भिजवाया गया था, लेकिन अभी तक थाने में बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया है।
ईई बोले, ली जाएगी जानकारी
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अंकित जैन का कहना है कि झबरेड़ा थाने में मीटर लगा हुआ है। कनेक्शन है कि नहीं, इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। अधीनस्थों से जानकारी ली जाएगी।
क्या कहते हैं एसपी देहात
इस संबंध में एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल का कहना है कि सभी थानों को बिजली कनेक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं। झबरेड़ा में पहले बिजली कनेक्शन था, लेकिन तीन माह पहले डिजिटल मीटर लगने के बाद से ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने कनेक्शन नहीं जोड़ा है।
शहर के दोनों थानों पर लाखों रुपये बकाया
झबरेड़ा थाने में एक ओर जहां बिना कनेक्शन के ही वर्षों से बिजली जल रही है, वहीं दूसरी ओर रुड़की के दोनों थानों पर भी ऊर्जा निगम का लाखों रुपये बकाया है। ऊर्जा निगम अधिकारियों के अनुसार शहर की सिविल लांइस कोतवाली और गंगनहर कोतवाली पर 15 लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल का भुगतान शेष है। इसके अलावा बीटीगंज पुलिस चौकी पर भी ऊर्जा निगम का लाखों रुपये बकाया है।