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विद्युत लोकपाल ने निरस्त किया बिल

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मैसर्स उड़ान एक्सपोर्ट फर्म को ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने भेजे करीब 12 लाख रुपये के बिल को त्रुटिपूर्ण मानते हुए विद्युत लोकपाल ने निरस्त कर दिया है। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मैसर्स उड़ान एक्सपोर्ट फर्म ने 150 किलोवाट का एक विद्युत कनेक्शन लिया हुआ है। ऊर्जा विभाग ने इस कनेक्शन में बीते साल अप्रैल महीने में कार्बन के कारण मीटर प्रणाली धीमी होने का दावा ठोककर एक साल नौ महीने तेरह दिन की अवधि का करीब 12 लाख रुपये का बिल बना दिया। साथ ही बिल न भरने पर कनेक्शन भी काट दिया। जिससे फर्म का सारा कामकाज ठप्प हो गया। उपभोक्ता ने विद्युत उपभोक्ता मंच में शिकायत कर बिल का आंशिक जमा कर कनेक्शन जोड़ने की बात कही, लेकिन उपभोक्ता मंच ने मामले की विधिक व तथ्यात्मक अवलोकन किए ही शिकायत निरस्त कर दी। उपभोक्ता ने विद्युत लोकपाल के समक्ष अपील की। विद्युत लोकपाल सुभाष कुमार ने सुनवाई के दौरान पाया कि मीटर सीलिंग पर न तो उपभोक्ता के हस्ताक्षर कराए गए और न ही सीलिंग प्रमाण पत्र पर पुराने मीटर का विवरण अंकित किया गया था। ऐसे में किस आधार पर मीटर का धीमा होना व किस आधार पर अधिभार लगाया गया, जैसे जवाब अधिकारी नहीं दे पाए। विद्युत लोकपाल ने गलत मीटर सीलिंग रिपोर्ट को विभागीय अधिकारियों की लापरवाही मानते हुए बिल की धनराशि को निरस्त कर दिया। साथ ही लापरवाही के लिए सहायक अभियंता, मीटर टेस्टिंग व एसडीओ विद्युत वितरण के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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