रोडवेज डिपो की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अब पूरे परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाया जा रहा है। डिपो परिसर में आठ नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से कार्यशाला, कार्यालय और बस अड्डे की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। कैमरों की मॉनिटरिंग सीधे देहरादून स्थित मुख्यालय के कंट्रोल रूम से की जाएगी।
वर्तमान में रुड़की बस अड्डे पर पांच सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं लेकिन बढ़ती गतिविधियों और सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार नए कैमरे कार्यशाला, परिसर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए जाएंगे ताकि हर गतिविधि रिकॉर्ड हो सके। परिवहन निगम का मानना है कि सीसीटीवी व्यवस्था से यात्रियों और कर्मचारियों दोनों को सुरक्षा का बेहतर माहौल मिलेगा।
किसी भी विवाद, दुर्घटना या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में फुटेज जांच में मददगार साबित होगी। वहीं मुख्यालय स्तर से नियमित मॉनिटरिंग होने के कारण डिपो की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सहायक महाप्रबंधक अमिता सैनी ने बताया कि डिपो परिसर में आठ अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कैमरों को मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा जिससे स्थानीय स्तर की गतिविधियों की नियमित निगरानी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और डिपो संचालन को व्यवस्थित बनाने के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित होगी।
अधूरी सुरक्षा में डिपो, कई कैमरे बंद
वर्तमान में एक कंपनी की सुरक्षा के भरोसे कैमरे संचालित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को जांच करने पर पता चला कि पांच कैमरे चालू हैं बाकी बंद मिले। एजीएम कार्यालय में लगी स्क्रीन में दिखा कि कैमरों की क्वालिटी भी सही नहीं है।