तीन दिन में अटैचमेंट समाप्त करने के शिक्षामंत्री के आदेश भगवानपुर में एक शिक्षक के सामने हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। छांगामजरी गांव में सालों से अटैचमेंट पर चल रहे एक गुरुजी अपनी मूल तैनाती के स्कूल नहीं गए, जबकि जिस विद्यालय में वह अटैचमेंट पर चल रहे हैं, वहां एक अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती है।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने करीब 20 दिन पहले शिक्षकों की अटैचमेंट व्यवस्था तीन दिन में खत्म करने के आदेश जारी किए थे। इसके अनुपालन में भगवानपुर के उपशिक्षाअधिकारी ने 31 मार्च को विकास खंड क्षेत्र के गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय छांगामजरी में कई सालों से अटैचमेंट पर चल रहे द्वारिका प्रसाद को मूल तैनाती के धीरमजरा के स्कूल में ज्वाइनिंग देने के आदेश दिए थे, लेकिन उन्होंने अभी तक मूल तैनाती स्थल पर ज्वाइनिंग नहीं दी है। बुधवार 19 अप्रैल तक भी वह छांगामजरी वाले स्कूल में नौकरी कर रहे हैं, जबकि यहां स्कूल में पंजीकृत छात्र-छात्राओं के हिसाब से भी एक शिक्षक अतिरिक्त है।
द्वारिका प्रसाद का अटैचमेंट खत्म करके मूल तैनाती स्थल में जाने के आदेश जारी किए गए थे। वह अपनी मूल तैनाती पर क्यों नहीं पहुंचे। इस संबंध में कारण बताओ नोटिस भेजने के साथ अन्य कार्रवाई की जाएगी।
कुंदन सिंह, उपशिक्षाधिकारी, भगवानपुर
किसी कारणवश अटैचमेंट वाले स्कूल से मूल तैनाती में नहीं जा पाया था, लेकिन अब रिलीव ऑर्डर ले लिया है। एक-दो दिन में ज्वाइनिंग कर लूंगा।
द्वारिका प्रसाद, शिक्षक