सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने अदालत के आदेश पर एक स्कूटी सवार महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि महिला की लापरवाही से हुई टक्कर में एक ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद चिकित्सकों को उसका पैर का पंजा काटना पड़ा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
डबल फाटक मोहनपुरा निवासी आनंद ने अदालत के माध्यम से दी गई शिकायत में बताया कि वह ई-रिक्शा चालक है। 13 फरवरी को वह सेना चौक क्षेत्र से गुजर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान कुसुम रावत नामक महिला ने लापरवाही से स्कूटी चलाते हुए उसके ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा पलट गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। साथ ही ई-रिक्शा में सवार कुछ यात्री भी चोटिल हुए।
पीड़ित के अनुसार, दुर्घटना में उसके पैर का पंजा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते चिकित्सकों को उसे काटना पड़ा। आरोप है कि हादसे के बाद स्कूटी सवार महिला ने उपचार का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया था लेकिन बाद में उसने कोई सहायता नहीं की।
आनंद का कहना है कि उसने मामले की शिकायत पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसीजेएम रुड़की की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया। अदालत के आदेश पर सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने आरोपी महिला कुसुम रावत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।