रुड़की। भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में सैकड़ों उद्योगों को राहत पहुंचाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की घोषणा की गई थी। इसके लिए 26 करोड़ रुपये की राशि का भी प्रावधान किया गया था, लेकिन महीनों बाद भी धरातल पर इसकी सुध नहीं ली गई। अगर यही हाल रहा तो बरसात में एकबार फिर उद्योगों को फजीहत झेलनी पड़ेगी।
भगवानपुर क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था नहीं होने से करीब 350 उद्योगों और अन्य लोगों को हर साल परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई उद्योगों के बाहर जलभराव से फैक्ट्री के बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं हाईवे पर भी आवाजाही प्रभावित होती है। समस्या समाधान के लिए करीब दस माह पहले चुड़ियाला में आयोजित राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में उद्योगों की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम लगाने की घोषणा की गई थी।
इसके लिए 26 करोड़ रुपये का प्रावधान कर सिडकुल को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन आज तक धरातल पर काम तो दूर सर्वे भी नहीं किया गया और न ही इस संबंध में कोई प्रस्ताव या तैयारी की गई। ऐसे में उद्योगों को एकबार फिर जलभराव की चिंता सता रही है। भगवानपुर इंड्रस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल कुमार का कहना है कि क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम के लिए प्रशासन और सरकार से कई बार गुहार लगाई गई। इसके बाद चुड़ियाला में हुई कैबिनेट में इसका प्रावधान किया गया था, लेकिन आज तक कुछ नहीं किया गया। अगर यही हाल रहा तो इस बार भी उद्योगों और अन्य लोगों को फजीहत झेलनी पड़ेगी।