कुख्यातों के नेटवर्क पर पुलिस अंकुश नहीं लगा पा रही है। जेल बंद होने के बाद भी कुख्यात अपराध जगत की दुनिया में अपना हस्तक्षेप बनाए हुए हैं। अपने गुर्गों को मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर अपना नेटवर्क चला रहे हैं। शनिवार को गिरफ्तार हुए हथियार सप्लायर अंकुर चौधरी ने एक बार फिर से बात का खुलासा किया है।
जेल में रहकर कुख्यात मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं और अपने गुर्गों से निरंतर संपर्क में रह कर अपना नेटवर्क बखूबी चला रहे हैं। जेलर हत्याकांड के मास्टर माइंड कुख्यात सुनील राठी ने जेल के भीतर रहकर अपने गुर्गों से मोबाइल के माध्यम से जेलर नरेंद्र सिंह की हत्या कराई थी। यहीं नहीं उपकारागार रुड़की के बाहर हुए गैंगवार की घटना में भी जेल बंद में कुख्यात राठी ने मोबाइल का प्रयोग किया था। यहां तक की वह जेल में फेसबुक आदि भी चलाता था और अपनी फोटो भी अपलोड करता रहा।
इसके अलावा कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि ने भी जेल से डेयरी कारोबारी से 50 लाख रुपये की चौथ मांगी थी। इस घटना में जेलर का मोबाइल इस्तेमाल होने की बात सामने आई थी। इस संबंध में गंगनहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जेल मेें मोबाइल इस्तेमाल होने की इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी है, लेकिन इसके बाद भी जेल प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कुख्यात सुशील गुर्जर के भतीजे अंकुर चौधरी की बात पर यकीन करें तो सुशील गुर्जर चमोली जेल में मोबाइल चला रहा है। अंकुर को एसटीएफ तीन इंगलिश पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। बकौल पुलिस अंकुर को कुख्यात राठी ने जेल से व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज भेजकर बिहार से कोरियर के माध्यम से पिस्टल आने की बात बताई थी। साथ ही तीनों पिस्टल को लेकर एक व्यक्ति को देने को कहा गया था। उनके बीच सारी बातचीत मोबाइल के माध्यम से हुई है। इससे स्पष्ट हो गया है कि जेल के भीतर बैठे कुख्यात आसानी से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।
सुशील गुर्जर से होगी पूछताछ
चमोली जेल में बंद कुख्यात सुशील गुर्जर की ओर से मोबाइल इस्तेमाल किए जाने के मामले की पड़ताल पुलिस ने शुरू कर दी है। इस संबंध में पुलिस चमोली जेल पहुंचकर कुख्यात सुशील गुर्जर से पूछताछ करेगी। साथ ही मोबाइल भी बरामद करने का प्रयास करेगी।
जैमर लगाने में क्यों हाथ खींच रहा जेल प्रशासन
जेल में बंद कुख्यातों द्वारा जेल में मोबाइल चलाने जैसी तमाम घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन उसके बाद भी जेल प्रशासन की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जेलों में जैमर लगाने को लेकर जेल प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। यदि जेलों में जैमर लग जाए तो जेलों में कुख्यातों द्वारा मोबाइल इस्तेमाल होने जैसी घटनाओं पर खुद ब खुद अंकुश लग जाएगा।
हथियारों की सप्लाई के आरोप में जिस अंकुर चौधरी नाम के जिस युवक को गिरफ्तार किया था। उसके मुताबिक चमोली जेल में बंद कुख्यात सुशील गुर्जर उससे व्हाट्सएप के माध्यम संपर्क में है। जेल के भीतर मोबाइल का इस्तेमाल होना गंभीर है। मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
मणिकांत मिश्रा, एसपी देहात, रुड़की।
हथियारों के सप्लायर को भेजा जेल
कुख्यात सुशील गुर्जर के भतीजे को पुलिस ने रविवार को जेल भेजा दिया है। एसटीएफ ने उसे तीन इंगलिश पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था।
देहरादून एसटीएफ एवं गंगनहर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार रात को पाडली गुर्जर फाटक के समीप से एक सफारी को पकड़ा था। इसमें सवार एक युवक के पास से पुलिस ने 32 बोर की तीन इंगलिश पिस्टल बरामद की थी। पूछताछ पर पता चला था कि पिस्टल के साथ पकड़ा गया युवक हथियारों का सौदागर है। उसका नाम अंकुर चौधरी निवासी मिरगपुर, थाना देवबंद, सहारनपुर है। वह गैंगवार के आरोपी सुशील गुर्जर का भतीजा है। चाचा सुशील गुर्जर से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में है। उसके चाचा सुशील गुर्जर ने बिहार निवासी ठाकुर नाम के एक व्यक्ति से तीन इंगलिश पिस्टल कोरियर के माध्यम से मंगवाई थी। जब वह इन तीनों पिस्टल को एक व्यक्ति को देने जा रहा था तो एसटीएफ टीम ने उन्हें पकड़ लिया था। गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि आरोपी का चालान कर दिया है।