रुड़की/कलियर। कलियर दरगाह के पास स्थित पुरानी गंगनहर पर प्रस्तावित पुल के लिए टेंडर भी हो चुका है। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू करने में की जा रही लेटलतीफी से क्षेत्रवासियों में रोष छाया हुआ है।
कलियर क्षेत्र में पुरानी गंगनहर स्थित ब्रिटिश काल का बना हुआ पुल जर्जर हो चुका है। इस पर भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से अक्सर खतरा बना रहता है। इसके अलावा जुमेरात को जायरीनों की भीड़ से जाम की स्थिति बनी रहती है। समस्या को देखते हुए निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दो साल पहले पुरानी गंगनहर पर नए पुल की घोषणा की थी। लंबी कवायद के बाद करीब छह माह पहले पुल की स्वीकृति मिल गई।
साथ ही इसके लिए करीब सात करोड़ रुपये का बजट भी पास कर दिया गया। शासन की ओर से इसके निर्माण का जिम्मा बंगाल की एक कंपनी को सौंपा गया है। इसके देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास है। लेकिन पूरी कवायद के महीनों बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्रवासियों में रोष है। उनका कहना है कि बाहर से आने वाली बसें और भारी वाहन गंगनहर पर बने पुराने व जर्जर पुल से होकर गुजर रहे हैं। वाहनों की अधिकता के कारण अक्सर इस पर जाम की स्थिति बनी रहती है। जुमेरात के दिन तो पुल से पैदल चलना तक मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद नए पुल का कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों को मिलेगी राहत
पुरानी गंगनहर पर नए पुल के निर्माण से न सिर्फ जायरीनों को राहत मिलेगी बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए सौगात होगी। कारण कि कलियर गांव के अलावा रहमतपुर और बेलड़ा गांव के लोगों के लिए पुल मुख्य मार्ग है।
इनका कहना है
कलियर में दरगाह के पास पुरानी गंगनहर पर सात करोड़ की लागत से पुल का निर्माण किया जाना है। इसके लिए शासन की ओर से ब्रिज एंड रूफ कंपनी को टेंडर दिया गया है। उम्मीद है कि अगले एक माह के भीतर इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नवीन कौशिक, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी