रुड़की में कांवड़ पर तिरंगा लगाकर जाते शिव भक्त।
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कंधे पर कांवड़ और लहराते तिरंगे। बारिश और उमस भरी गर्मी से बेखबर। न किसी के चेहरे पर थकान है और न ही कोई जल्दबाजी। पांव में छाले तो मुंह पर बोल बम संग भारत माता की जय के नारे। ये नजारा है कांवड़ यात्रा लेकिन देशभक्ति भी कम नहीं है। इस बार कांवड़िए भोले के साथ देश के लिए भी कांवड़ ला रहे हैं।
इस बार कांवड़ यात्रा कई मायनों में दिलचस्प है। दो साल के बाद यात्रा के कारण कांवड़िए पूरे जोश में हैं। कोई भोले की भक्ति में सराबोर है तो कहीं देशभक्ति की बयार है। इस बार कांवड़ यात्रा में हर कांवड़ पर गंगा जल के साथ तिरंगा भी नजर आ रहा है। शिवभक्तों के कंधे पर भगवा रंग में रंगी कांवड़ और उस पर लगा तिरंगा लोगों का ध्यान खींच रहा है।
बाईपास और कांवड़ पटरी पर निकलने वाली कांवड़ियों की विशाल टोलियां इस बात की गवाह हैं कि कितने जोश और जुनून से शिवभक्त अपनी-अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। हरियाणा निवासी विशाल, जितेंद्र, विजय और अनिकेत बताते हैं कि कोरोना के कारण दो साल बाद कांवड़ लाने का सौभाग्य मिला है। जैसे भोले बाबा हमारी रक्षा करते हैं वैसे ही देश की सीमा पर हमारे जवान दिनरात हमारी रक्षा करते हैं। उनकी कांवड़ भोले बाबा के साथ देश के जवानों को भी समर्पित है।
भक्ति और देशभक्ति गीतों की धूम
इस बार कांवड़ यात्रा का उत्साह दोगुना होने की एक वजह यह भी है कि 15 अगस्त बेहद नजदीक है। कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्त भक्ति और देशभक्ति गीतों के साथ अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा शिव-पार्वती और श्रीराम झांकी भी आकर्षण का केंद्र बनी हैं।