क्षेत्र के कई गांवों में हो रही बिजली चोरी की शिकायत विभाग में करने के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
चार जुलाई को एक व्यक्ति ने ब्रह्मपुर बिजलीघर से जुड़े एक गांव में बड़े स्तर पर बिजली चोरी होने की लिखित शिकायत अधिकारियों से की थी लेकिन आज तक वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। धनौरी में भी दो युवकों ने कटिया डालकर चक्की चलाने की शिकायत की थी लेकिन वहां भी आज तक बिजली चोरी बदस्तूर जारी है।
रामनगर में भी एक शिकायत करीब डेढ़ महीने से पेंडिंग है। इसके अलावा कई लोगों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में शिकायत पेटिका में बिजली चोरी की शिकायत की लेकिन शिकायतकर्ताओं को पुरस्कार देना तो दूर की बात है उनकी शिकायतों पर कार्रवाई शून्य है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली चोरी कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही है इसलिए विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है।
विभाग ने उजागर कर दिए नाम
नियमानुसार ऊर्जा निगम में बिजली चोरी की शिकायत करने वाला यदि अपना नाम गोपनीय रखना चाहता है तो उसका नाम विभाग सामने नहीं ला सकता है। इसके विपरीत कई मामले ऐसे हो चुके हैं जिसमें विभाग के कर्मचारियों ने बिजली चोरी के आरोपी को ही शिकायतकर्ता का नाम बता दिया। ऐसे में उनमें आपसी रंजिश शुरू हो गई। ऐसे में लोग अब विभाग को बिजली चोरी की शिकायत करने से भी कतराने लगे हैं।
बिजली चोरी की शिकायत मिली थी। उसी दौरान कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। ऐसे में अधिकारी यात्रा संपन्न कराने में लग गए। बिजली चोरों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी।