रुड़की। दो किसानों को मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं करना यूपी सिंचाई विभाग की समानांतर देवबंद ब्रांच को महंगा पड़ गया। कोर्ट ने भुगतान होने तक समानांतर देवबंद ब्रांच का एकाउंट सीज करने के निर्देश जारी किए हैं। सहारनपुर कोर्ट से आए फैसले के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
यूपी सिंचाई विभाग की समानांतर देवबंद ब्रांच कैनाल वर्ष 2009 में शुरू हुई थी। इससे पहले निर्माण कार्य के लिए किसानों की जमीनें अधिग्रहीत की गई थी। उचित मुआवजा नहीं मिलने पर सहारनपुर जिले के बास्तम गांव के दो किसानों ने कोर्ट में वाद दायर किया था। इसमें एक किसान ने 14 लाख रुपये और दूसरे ने 17 लाख रुपये मुआवजा मांगा था। मामले की सुनवाई वर्षों से चल रही थी। बृहस्पतिवार को सहारनपुर की कोर्ट ने किसानों के हक में फैसला सुनाया। इसके तहत मुआवजे की राशि जब तक नहीं दी जाती तब तक शाखा का एकाउंट सीज करने के निर्देश जारी किए हैं।
यूपी सिंचाई विभाग की देवबंद शाखा के अधिशासी अभियंता केएम कंसल का कहना है कि दो किसानों के केस में कोर्ट की ओर से समानांतर देवबंद ब्रांच का खाता सीज करने की जानकारी मिली है। हालांकि अभी आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया जाएगा। मालूम हो कि समानांतर देवबंद ब्रांच कैनाल की क्षमता 1100 क्यूसेक पानी की है। इसका उद्देश्य यमुना कैनाल को पानी देना है ताकि बागपत और शामली में पानी की कमी को दूर किया जा सके।