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कृषि कानून वापस लेने के लिए तहसील में प्रदर्शन

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रुड़की तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन अंबावत ? - फोटो : ROORKEE
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कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) से जुड़े किसानों ने रुड़की और लक्सर तहसील में प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही एक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई।
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शनिवार को भाकियू (अंबावत) विधिक सेल के प्रदेश अध्यक्ष फरमान त्यागी के नेतृत्व में पदाधिकारी व कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया। फरमान त्यागी ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर दो माह से अधिक समय से दिल्ली में किसान आंदोलन चल रहा है। बावजूद इसके सरकार किसानों की मांग पर गंभीर नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से शनिवार को देशव्यापी चक्का जाम का एलान किया गया था, लेकिन बाद में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में यह स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल के माध्यम से ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा। वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए तहसील परिसर में पुलिस तैनात रही। मौके पर जिला अध्यक्ष मोहम्मद इमरान, अनस, अबरार, दाऊद त्यागी, तनवीर, कादिर, उज्ज्वल मौर्य, अब्दुल मलिक, अनस, राशिद, कादिर, अब्दुल मलिक, अली त्यागी, शाहिद त्यागी, सलमान, फैजान, उस्मान, फरहान आदि मौजूद रहे।
उधर, यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव नितिन चौधरी (नीलू), सुधांशु चौधरी, सुंदर सिंह, दीपक सिरोही, संजय चौधरी, विशाल, धीर सिंह, महिपाल, बूटन चौधरी, आशु, सलमानी, हिमांशु पुंडीर, तरुण, अजीत, कार्तिक लक्सर तहसील मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। अन्नदाता पिछले लगभग दो माह से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में आंदोलन कर रहा है, लेकिन सरकार का दिल नहीं पसीज रहा है। सरकार को तुरंत तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन उप जिला अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी को सौंपा और कृषि कानूनों में बदलाव, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने और गन्ने का भुगतान 14 दिन के भीतर देने की मांग उठा।
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‘कृषि कानून किसानों हित में नहीं’
भगवानपुर। भारतीय किसान यूनियन (किसान) उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर तहसीलदार सुशील कुमार सैनी को ज्ञापन दिया। प्रदेश अध्यक्ष आबाद अली के नेतृत्व में तहसील पहुंचे किसानों ने ज्ञापन में कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी है। तीनों कृषि कानून किसानों हित में नहीं है। किसान पिछले दो महीने से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार सुनने का नाम नहीं ले रही है। सरकार किसानों पर दबाव बनाकर आंदोलन खत्म करवाना चाह रही है। अगर कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान राव समीर, आजम, शादाब, नवाब अली, अफजल, सुहेल, साजेब, शमशाद मौजूद रहे।
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