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मंदिर तो़ड़ने के विरोध में प्रदर्शन

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दिल्ली के तुगलाबाद में तोड़े गए रविदास मंदिर के विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन करते रविदास सेन? - फोटो : ROORKEE
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दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित रविदास का मंदिर तोड़े जाने पर अनुसूचित जाति के लोगों और समाज के विभिन्न संगठनों ने मंदिर वहीं बनाने की मांग की जहां तोड़ा गया था। इस मांग को लेकर लोगों ने जुलूस निकाला और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
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दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित संत रविदास का मंदिर टूटने पर गुरु रविदास सेना के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों, अनुसूचित जाति के विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने विरोध किया। सभी संगठनों के कार्यकर्ता रुड़की नगर निगम चौक पर एकत्रित हुए। वहां पर उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर जुलूस निकाला। इसके बाद रुड़की तहसील पहुंचकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अगस्त को दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित 600 साल पुराने संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर केंद्र और दिल्ली सरकार ने बिना सोचे समझे तुड़वा दिया। इससे संत रविदास के देश और विदेश में रहने वाले अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं। संत रविदास ने मानवता का सच्चा मार्गदर्शन करते हुए अपना पूरा जीवन बुराइयों को दूर करने में लगा दिया था। ऐसे संत रविदास का मंदिर तोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रपति को भेजे मांग पत्र में कहा गया कि दोबारा मंदिर को उसी स्थान पर बनवाया जाए, ताकि अनुयायियों की आस्था बनी रहे। साथ ही 21 अगस्त को दिल्ली में हुए अनुसूचित समाज के लोगों की ओर से प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए 96 कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए। इस मौके पर राजू सिंह बिराटिया, धर्मपाल सिंह, राजपाल सिंह, भोपाल सिंह, सोमपाल सिंह, नीरज कुमार, बाबूलाल, शिव प्रकाश, साहब सिंह, सुदेश चंचल, मुनेश सहगल, तिलकराज, सुरेश कश्यप, नेत्रपाल ,सीताराम, चंद्रशेखर, चंद्रपाल, भारत भूषण, आकाश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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