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डिग्री कॉलेजों में सन्नाटा टूटा, पर नहीं नहीं लौटी रौनक

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रुड़की। करीब नौ महीने बाद छात्र-छात्राओं के लिए खुले डिग्री कॉलेजों में पहले दिन रौनक नहीं लौट सकी। कॉलेजों में पहले दिन थ्योरी की कक्षाएं नहीं चली। प्रयोगात्मक परीक्षाओं में भी मात्र दो से तीन प्रतिशत छात्र ही पहुंच सके। कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप पर शेड्यूल जारी किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में खोई रौनक धीरे-धीरे लौट आएगी।
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प्रदेश सरकार की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों को खोले जाने की अनुमति दिए जाने के बाद मंगलवार को शहर और आसपास के सभी डिग्री कॉलेज खुले। पहले दिन छात्रों की संख्या बेहद कम रही। रुड़की स्थित केएलडीएवी में एक भी छात्र नहीं पहुंचा। इस दौरान 40 छात्र एडमिशन लेने के लिए जरूर पहुंचे थे। प्राचार्य डॉ. यशोदा मित्तल ने बताया कि थ्योरी की क्लास ऑनलाइन ही चलाने का निर्णय लिया गया है। जबकि प्रयोगात्मक परीक्षाओं के शेड्यूल वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप पर डाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले दिन एक भी छात्र पढ़ाई के लिए नहीं पहुंचा है। अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे अनुमति पत्र लेकर छात्रों को कॉलेज भेजें ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो। इसके अलावा बीएसएम पीजी कॉलेज में भी 40 से 50 छात्र ही नजर आए। इनमें से कुछ छात्र एडमिशन की जानकारी लेने पहुंचे थे। यहां भी पहले दिन एकाध क्लास ही चल सकी, लेकिन इसमें भी छात्रों की संख्या बेहद कम रही। इसके अलावा एसडी डिग्री कॉलेज में पहले दिन प्रैक्टिकल के लिए मात्र दो छात्राएं पहुंची। जबकि साइंस के प्रैक्टिकल में भी मात्र तीन बच्चे ही थे। कुछ यही हाल देहात क्षेत्रों में भी रहा। लक्सर स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही। प्राचार्य छाया चतुर्वेदी ने बताया कि कॉलेज में भूगोल विषय का प्रैक्टिकल होना था, लेकिन इसमें कोई छात्र नहीं पहुंचा है। वहीं गर्ग पीजी कॉलेज में पहले दिन करीब 50 बच्चे पहुंचे हैं। जिन्होंने केमिस्ट्री, बोटनी और जूलोजी विषयों के प्रैक्टिकल में भाग लिया। वहीं एचआर डिग्री कॉलेज में करीब 50 छात्र पहुंचे। पहले दिन कॉलेजों में प्रैक्टिकल की कक्षाएं ही संचालित की गई। कॉलेज प्रबंधन की ओर से थ्योरी की कक्षाएं ऑनलाइन चलाने का निर्णय लिया गया। ऐसे में पहले दिन कॉलेजों में छाया सन्नाटा पूरी तरह नहीं टूट सका है। जो स्थिति है, उसके अनुसार धीरे-धीरे ही रौनक लौटने की उम्मीद है।
बिना अनुमति पत्र के गेट से ही लौटाए छात्र
कॉलेजों में बिना अभिभावकों का अनुमति पत्र लिए पहुंचने वाले छात्रों को गेट से ही लौटा दिया गया। एसडी कॉलेज में सात छात्र बिना अनुमति पत्र के पहुंचे थे। जिन्हें लौटा दिया गया। इसी तरह केएलडीएवी कॉलेज और बीएसएम पीजी कॉलेज में भी अनुमति पत्र लेकर नहीं पहुंचे छात्रों को प्रवेश नहीं दिया गया। कॉलेज प्रबंधकों का कहना था कि गाइड लाइन के तहत बिना अनुमति पत्र के छात्रों को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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अभी सिर्फ एमएससी के छात्रों का होगा प्रैक्टिकल
केएल डीएवी पीजी कॉलेज में फिलहाल ट्रायल के तौर पर एमएससी के प्रैक्टिकल ऑफलाइन करने की योजना बनाई गई है। प्राचार्य डॉ. यशोदा मित्तल ने बताया कि व्यवस्थाओं को सही ढंग से तैयार करने के लिए पहले एमएससी के छात्रों को प्रैक्टिकल के बुलाया गया है। इसके बाद बीएससी के प्रैक्टिकल होंगे। उन्होंने बताया कि एमएससी के प्रैक्टिकल का शेड्यूल वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप भी डाला जा रहा है।
बैनर और पोस्टर के जरिए छात्रों को किया जागरूक
लक्सर। हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज रायसी में चीफ प्रॉक्टर डॉ. अजीत राव के निर्देशन में महाविद्यालय अनुशासन समिति के सदस्यों ने थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया को पूरा कराया। प्राचार्य डॉ. आरसी पालीवाल ने बताया कि छात्रों को बैनर और पोस्टर के साथ-साथ मौखिक रूप से कोविड-19 के बचाव एवं रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। ऑफलाइन कक्षाओं की अनुमति केवल प्रयोगात्मक विषयों के प्रथम एवं अंतिम वर्ष के छात्र छात्राओं को ही प्रदान की गई है।
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