रुड़की। माधोपुर गांव में बिजली चोरी पकड़ने गई ऊर्जा निगम की टीम पर पिता-पुत्र ने हमला कर दिया। इसमें एक जेई और लाइनमैन घायल हो गए। एसडीओ और अन्य कर्मचारियों ने भागकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस के पहुंचने से पहले पिता-पुत्र घर से फरार हो गए। घायलों ने सिविल अस्पताल पहुंचकर उपचार कराया। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने मामले में पुलिस को तहरीर दी है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित माधोपुर गांव में शनिवार को ऊर्जा निगम ने बिजली के बिल सही करने और बकाया वसूली के लिए एक शिविर लगाया था। शिविर में एसडीओ वीरेंद्र बिष्ट, जेई अरुण समेत अन्य कर्मचारी मुजाहिर, गय्यूर, शाहनजर और गुड्डू टीम में शामिल थे। शिविर के दौरान टीम को सूचना मिली कि गांव के ही एक व्यक्ति ने खंभे पर चोरी से केबिल डाल रखा है। सूचना मिले ही एसडीओ, जेई और अन्य कर्मचारी उक्त व्यक्ति के घर पहुंचे तो बिजली चोरी पकड़ ली। टीम ने बिजली चोरी करने पर एतराज जताया तो उक्त व्यक्ति और उसके बेटे ने गाली गलौज कर दी। आरोप है कि विरोध करने पर पिता-पुत्र ने जेई अरुण और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। मारपीट होता देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पिता-पुत्र ने लाठी-डंडे से हमला कर जेई और कर्मचारी को घायल कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची और जानकारी ली। पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों घर से फरार हो गए। वहीं, जेई और कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल पहुंचकर उपचार करवाया। साथ ही कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मारपीट करने वाले पिता-पुत्र की तलाश की जा रही है।