रुड़की। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चढ़ते पारे और बिजली कटौती से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। सोमवार को भी शहर के विभिन्न हिस्सों में दिनभर बिजली की आंखमिचौली चलती रही। कभी एक बिजलीघर तो कभी दूसरे में ओवरलोडिंग के चलते शटडाउन होता रहा, जिसका खामियाजा आमजनों को भुगतना पड़ा। कचहरी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से गायब बिजली दोपहर बाद तक भी नहीं आने से वकीलों सहित अन्य लोगों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ा।
सुबह आजाद नगर और रामनगर कचहरी सहित आसपास के क्षेत्रों में केबिल में अचानक आग लगने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई थी। मशक्कत के बाद दोपहर बाद करीब तीन बजे आपूर्ति बहाल की गई। इस दौरान कचहरी परिसर में वकीलों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। अधिवक्ता रवि प्रकाश ने बताया कि कचहरी में बिजली नहीं आने से दिनभर वकील और फरियादी परेशान रहे। हैंडपंप में लगाई गई मोटर भी काम नहीं कर रही है, जिससे पेयजल की समस्या बढ़ने से दिक्कत और बढ़ गई है। एसडीओ अश्वनी कुमार का कहना है कि केबिल में आग लगने से बिजलीघर का शटडाउन किया गया था। इससे आजादनगर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली कटौती करनी पड़ी। इसके अलावा सिविल लाइंस, सोलानीपुरम, आदर्शनगर, गणेशपुर आदि क्षेत्रों में सुबह से बिजली की आंखमिचौली जारी रही। भगवानपुर क्षेत्र में कटौती से लोग परेशान रहे। उद्यमियों को भी प्रतिदिन घंटों कटौती की मार झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में क्षेत्रीय एसडीओ सजल हटवाल का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण क्षेत्र में अलग-अलग बिजली घरों को बंद करना पड़ रहा है। पहले डाडा जलालपुर बिजली घर दोपहर 12 बजे से करीब तीन बजे तक बंद रहा। उसके बाद बुग्गावाला और फिर ओवरलोडिंग के कारण दोपहर करीब डेढ़ बजे भगवानपुर बिजलीघर बंद करना पड़ा। इसके अलावा लक्सर, खानपुर, मंगलौर, कलियर, झबरेड़ा क्षेत्र में घंटों कटौती से लोग बिलबिला उठे।