फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आबादी में घुसे मगरमच्छ और अजगर, दहशत

विज्ञापन
सुल्तानपुर क्षेत्र के भिक्कमपुर गांव में तालाब के किनारे लगे जाल में फंसा मगरमच्छ। - फोटो : ROORKEE
विज्ञापन
वन विभाग की टीम ने दो दिन में चार गांवों से चार बड़े मगरमच्छों को रेस्क्यू कर गंगा नदी की नीलधारा में छोड़ दिया। वहीं, टीम ने इस्माइलपुर गांव से एक अजगर को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। बरसात का सीजन होने के चलते अधिकांश गांवों के तालाबों में मगरमच्छ घुसे हैं। मगरमच्छ धूप निकलने और शिकार करने के लिए तालाब से निकालकर पशुओं, कुत्तों और इंसानों पर भी हमला बोल रहे हैं। इससे लोगों में दहशत बनी हुई है। शनिवार की रात खेड़ी कलां गांव में एक ग्रामीण के घेर में मगरमच्छ घुस आया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू चलाकर मगरमच्छ को पकड़ा। वहीं, अकौढ़ा खुर्द और बाकरपुर गांव में दो अलग-अलग जगहों पर दो मगरमच्छों को वन विभाग की टीम ने पकड़ा। लक्सर वन रेंजर गौरव अग्रवाल ने बताया कि तीनों मगरमच्छ को गंगा की नीलधारा में छोड़ दिया है। उधर, सुल्तानपुर के भिक्कमपुर गांव के किसी ग्रामीण ने तालाब में मछली पालन कर रखा है। मछली पालक ने तालाब के किनारे चारों ओर एक जाल लगा रखा है, जिससे तालाब की मछलियां पानी के साथ तालाब से बाहर नहीं निकल सके। शनिवार की रात एक मगरमच्छ आकर तालाब के किनारे लगे जाल में फंस गया। रविवार सुबह तालाब के किनारे गए ग्रामीण की नजर जाल में फंसे मगरमच्छ पर पड़ी। भिक्कमपुर पुलिस चौकी प्रभारी मनोज नौटियाल ने वन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। वन दरोगा जाति राम ने बताया कि भिक्कमपुर गांव के तालाब के किनारे जाल में फंसे मगरमच्छ को पकड़कर गंगा में छोड़ दिया गया है। वहीं, इस्माइलपुर गांव में एक बीस फीट लंबा अजगर आबादी में घुस आया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू चलाकर अजगर को पथरी क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें