रुड़की। जौरासी गांव से एक ही परिवार के तीन मासूम संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने से हड़कंप मच गया। अपहरण की आशंका पर पुलिस को सूचना देते हुए परिजन और ग्रामीण खुद भी मासूम खोजबीन में जुट गए। आठ घंटे बाद तीनों बच्चे गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर खटका गांव के मार्ग पर मिले। परिजनों को शक है कि किसी ने उनका अपहरण किया था, तलाश होने पर खटका गांव में छोड़ दिया गया।
जौरासी गांव में दो भाई अयूब, महबूब और चचेरे भाई मुर्तजा का परिवार अगल बगल रहते हैं। शनिवार सुबह अयूब की तीन साल की बेटी राहिल, महबूब का ढाई साल का बेटा अरशु और मुर्तजा का दो साल का बेटा अरसलान संदिग्ध परिस्थितियों में घर से गायब हो गए। इससे परिवार में हड़कंप मच गया। पूरे गांव में तलाश करते हुए आसपास के गांवों में भी ग्रामीण दौड़ पड़े। मस्जिदों के लाउडस्पीकर से भी ऐलान कराया गया।
कहीं कुछ सुराग न मिलने पर परिजन दौड़े-दौड़े सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचे और अपहरण की सूचना दी। पुलिस ने भी बच्चों की तलाश शुरू कर दी। करीब आठ घंटे बाद दोपहर के समय तीनों बच्चे खटका गांव के मार्ग पर ग्रामीणों ने देखे। सूचना पर परिजन और पुलिस गांव पहुंचे और बच्चों को घर ले गए। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी गोविंद कुमार ने बताया कि बच्चे खटका गांव में मिले हैं। इतने छोटे बच्चे खटका गांव कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है।
...तो फिरौती मांगने की थी तैयारी
परिजनों को तीनों बच्चों के गायब होने में अपहरण का पूरा शक है। पिछले दिनों परिवार की जमीन बिकने की जानकारी कुछ परिचित लोगों को ही थी। परिवार को आशंका है कि तीनों बच्चों का अपहरण परिवार से फिरौती के लिए किया गया होगा। मस्जिदों में लाउडस्पीकर से ऐलान होने पर बच्चे गायब होने की सूचना तेजी से आसपास के क्षेत्रों में फैल गई। संभवत: इसी कारण अपहरणकर्ता बच्चों को खटका गांव के रास्ते पर छोड़ भागे।