ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
कयाकिंग कैनोइंग कोच फिरोज खान के उत्पीड़न मामले में तत्कालीन सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी साधना त्यागी और एसएसआई हरपाल सिंह पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब कार्रवाई से बचने के लिए सीएम के नजदीकी नेता से सिफारिश की चर्चा जोरों पर है। प्रकरण में संबंधित नेता, इंस्पेक्टर और एसएसआई को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, चर्चा यह भी है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए कोई भी अधिकारी या नेता इस तरह के प्रकरण में सीधे तौर पर सिफारिश करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
कयाकिंग कैनोइंग कोच फिरोज खान की शिकायत पर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी साधना त्यागी व एसएसआई हरपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद यह प्रकरण आमजन से लेकर पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि प्रकरण में आगे कोई बड़ी कार्रवाई न हो, इसे लेकर सीएम के एक नजदीकी नेता से सिफारिश लगाई जा रही है। साथ ही मामले में किसी तरह आगे की कोई कार्रवाई न हो, इसके लिए सीएम के करीबी नेता के पास बाहरी नेताओं के फोन आ रहे हैं। इन चर्चाओं के बीच एक चर्चा यह भी है कि प्रकरण में कोई नेता अपना नाम जुड़ने नहीं देना चाहता है। वजह, लोकसभा चुनाव करीब हैं और कोई नेता खतरा नहीं उठाना चाहता है। कहा जा रहा है कि अगर सत्ता या विपक्ष के किसी भी नेता का नाम इस प्रकरण में सिफारिश से जुड़ता है तो यह चुनाव में बड़ा मुद्दा भी बन सकता है। वहीं, इस संबंध में सीएम के नजदीकी नेता से जानकारी ली गई तो उन्होंने साफ कहा कि वह इस प्रकरण में कोई सिफारिश नहीं कर रहे हैं। उनका नाम कौन जोड़ रहा है और उसका क्या मकसद है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।