भगवानपुर। भगवानपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में जिस संपत्ति पर एक उद्यमी ने एक बैंक से करीब दस करोड़ का ऋण लिया है वह मौके पर अभिलेखों पर उक्त व्यक्ति के नाम पर दर्ज ही नहीं मिली। अधिकारी पहले घोटाले की आशंका जताने लगे, लेकिन जांच में मामला घोटाले का न निकल कर राजस्व अभिलेखों में सही स्थान पर दर्ज न होने का पाया गया। फिलहाल मामले का निस्तारण नहीं हो पाया है और टीम लौट गई। जबकि राजस्व अधिकारी पड़ताल में जुटे हुए हैं।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे तहसीलदार आशीष घिल्डियाल और देहरादून से आए कुछ बैंक अधिकारी भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री के भूखंड पर बैंक का कब्जा दिलाने पहुंचे। तहसील प्रशासन के अनुसार बैंक अधिकारियों का कहना था कि इस संपत्ति पर करीब दस करोड़ रुपये का ऋण उद्यमी ने लिया हुआ है। बैंक अधिकारियों की ओर से जानकारी देने पर तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, राजस्वकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन संपत्ति को बंधक बनाकर रखे जाने के समय जो कागजात बैंक द्वारा दिखाए गए उसके रकबे पर उस फर्म के नाम कोई संपत्ति ही नहीं पाई गई। तहसीलदार आशीष घिल्डियाल ने बताया कि राजस्व अभिलेखों का अभी अध्ययन किया जा रहा है। खसरा-खतौनी में अभी तक उक्त फर्म की प्रविष्टि नहीं पाई गई है। इसके बारे में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही विधिक राय भी ली जाएगी।