ब्यूरो/अमर उजाला, भगवानपुर
दोस्त के साथ कंपनी से लौट रहे युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजन शव उठाकर कंपनी के गेट पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर बेटेे की हत्या करवाने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
बेहड़की सैदाबाद निवासी प्रतीक उर्फ मोनू (28) पुत्र सियाराम सिसौना में एक दवा कंपनी में काम करते थे। परिजनों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले कंपनी ने प्रतीक को बाहर निकाल दिया था। इस पर उन्होंने कंपनी के खिलाफ लेबर कोर्ट में वाद दायर किया था। बृहस्पतिवार को प्रतीक के पास कंपनी से कॉल आई थी। वह गांव निवासी अपने दोस्त पिंटू उर्फ अजय के साथ बाइक से कंपनी जाने की बात कहकर गए थे। रात करीब आठ बजे किसी ने बताया कि खानपुर-रुहालकी मार्ग पर दोनों के साथ हादसा हो गया है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने प्रतीक को मृत घोषित कर दिया। जबकि, अजय की हालत गंभीर बताई।
शुक्रवार को परिजन शव लेकर कंपनी के गेट पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने उनके बेटे की हत्या कराई है। घटनास्थल के पास एक डंडा पड़ा था और उसके सिर पर चोट के निशान थे। आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से सैलरी नहीं दी गई थी, जिसके लिए प्रतीक ने लेबर कोर्ट में वाद दायर किया था। इसकी जानकारी कंपनी प्रबंधन को हो गई थी। आरोप है कि वाद दायर करने के कारण ही प्रतीक की हत्या करवाई गई है। सूचना मिलते ही भगवानपुर थाना प्रभारी संजीव थपलियाल पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कार्रवाई की जिद पर अड़े रहे। एसओ संजीव थपलियाल ने बताया कि मृतक के परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। कंपनी प्रबंधन से भी वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं।