ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
जहरीली कच्ची शराब प्रकरण में एक और दारोगा पर गाज गिरी है। सीओ मंगलौर की रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी ने हल्का दारोगा को सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले घटना वाले दिन इस मामले में एसओ समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। एसएसपी की तरफ से की गई कार्रवाई महकमे में चर्चा का विषय बनी है।
झबरेड़ा थाना क्षेत्र के गांव बिंडुखड़क, बाल्लूपुर, भलस्वागाज समेत कई गांवों में आठ फरवरी को कच्ची जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई लोगों का अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। इस मामले में घटना वाले दिन लापरवाही पाते हुए एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने तत्कालीन झबरेड़ा एसओ प्रदीप मिश्रा, इकबालपुर पुलिस चौकी प्रभारी गंभीर तोमर समेत दो सिपाहियों को सस्पेंड किया था। इस मामले में बिंडुखड़क व बाल्लूपुर गांव के हल्का दारोगा पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जबकि हल्के के दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया था। इस मामले की जांच सीओ मंगलौर कर रहे थे। इस मामले में सीओ मंगलौर डीएस रावत ने रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी को सौंपी थी। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने बताया कि सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद हल्का दारोगा अनिल बिष्ट को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हल्का दारोगा की लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है। वहीं, इस पूरे प्रकरण में पुलिस और आबकारी के कुल मिलाकर 18 कर्मचारी पर गाज गिर चुकी है।