फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिन भर रुड़की पर लगी रही पीएचक्यू की निगाहें

विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। एटीएम में गार्ड को गोली मारकर हुई 25 लाख की लूट के खुलासे को पीएचक्यू (पुलिस मुख्यालय) में बैठे आला अधिकारी दिनभर स्थानीय पुलिस से पल-पल की खबर लेते रहे। हालांकि कोई ठोस सुराग हाथ न लग पाने के कारण स्थानीय पुलिस के पास ज्यादा बताने को कुछ नहीं था। बदमाशों की धरपकड़ को रात को भी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दबिश दी, लेकिन वहां कुछ हाथ नहीं लगा। देर शाम एसओजी कार्यालय पहुंचे एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हर हाल में लूट का खुलासा करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

विगत शनिवार को रुड़की और मंगलौर क्षेत्र में लूट की तीन घटनाएं हुई, लेकिन इनमें सबसे सनसनीखेज घटना बीएसएम चौक पर एक्सिस बैंक में कैश डालने आई एजेंसी के गार्ड को गोली मारकर 25 लाख की रकम लूटे जाने की रही। इस घटना ने रुड़की से देहरादून तक के पुलिस को हिलाकर रख दिया। इस वारदात को प्रदेश में बढ़ते अपराध के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी आला अधिकारियों पर इस तरह की घटनाओं को जल्द खुलासा करने का दबाव है। सूत्रों की मानें तो पीएचक्यू से डीआईजी समेत तमाम आला अधिकारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों से पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं और हर हाल में घटना को खुलासा करने को कहा जा रहा है। एसएसपी की ओर से भी कई टीमें गठित कर जांच पड़ताल के आदेश दिए गए हैं। इनमें अन्य क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों और एसओजी के तर्रार अधिकारियों को भी काम पर लगाया गया है। देर शाम एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने एसओजी आफिस रुड़की पहुंचकर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, कोतवाल साधना त्यागी और कमल कुमार लुंठी समेत एसओजी के अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। इस दौरान एसएसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द बदमाशों का चिह्नित कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
... तो बदमाशों में नहीं पुलिस का खौफ
रुड़की। जिस तरह उत्तर प्रदेश में बदमाशों के दिन रात एनकाउंटर हो रहे हैं, आए दिन कोई न कोई बदमाश जमानत तुड़वाकर जेल जाकर खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। दूसरी ओर शहर में जिस तरह से बदमाश ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं उससे लग रहा है कि उत्तराखंड में बदमाशों को पुलिस का खौफ ही नहीं है। शनिवार को शहर में हुई लूट की तीन घटनाओं ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। हालत यह रही कि बदमाश आगे-आगे भागते रहे और पुलिस पीछे-पीछे।
विज्ञापन

शहर और आसपास के क्षेत्रों में जिस तरह से अचानक बदमाशों की सक्रियता बढ़ी है उससे साफ है कि वह बाहरी प्रदेशों में किसी वारदात को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। उनकी नजर में उत्तराखंड सॉफ्ट टारगेट हैं। पहले 11 मार्च को दिल्ली-देहरादून हाईवे पर रेड चीफ के शोरूम में मैनेजर को गोली मारकर रकम लूट ली गई। अब इस शोरूम से महज एक किलोमीटर दूर एटीएम के गार्ड को गोली मारकर भारी भरकम रकम लूटकर बदमाश फरार होने में कामयाब रहे। शनिवार को ही एटीएम से महज 300 मीटर दूर एक बदमाश ने महिला चिकित्सा अधिकारी को जान से मारने और लूटने का प्रयास किया। हालांकि बाद में आरोपी अपनी गलती के कारण गिरफ्त में आ गया। शनिवार रात ही बदमाशों ने मंगलौर में कांग्रेस विधायक के पेट्रोल पंप पर लूट कर ली। पुलिस सुबह से शाम तक बदमाशों के पीछे दौड़ती रही। लेकिन पुलिस के पास बदमाशों की धरपकड़ के लिए कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाए। ऐसे में यदि जल्द इन घटनाओं का खुलासा नहीं होता तो आने वाले समय में बदमाशों के हौसले और बुलंद होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें