अमर उजाला ब्यूरो
मंगलौर। कोतवाली प्रभारी गिरीश चंद शर्मा से अभद्रता, तोड़फोड़ और हाईवे जाम का प्रयास करने के मामले में पुलिस ने दो नामजद समेत करीब डेढ़ सौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी, लेकिन कोई भी हत्थे नहीं चढ़ पाया। गिरफ्तारी से डर से लोग भूमिगत हो गए हैं।
कारोबारी सुक्रमपाल की हत्या के मामले में मंगलवार सुबह सैकड़ों लोग नामजद आरोपी नवाब और उसके दो बेटों को जेल भेजने की मांग को लेकर कोतवाली में धरने पर बैठ गए थे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह जिद पर अड़े रहे। शाम पांच बजे एक बार फिर सैकड़ों लोग भीड़ की शक्ल में कोतवाली पहुंचे। यहां लोगों ने फिर से हंगामा करना शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर गिरीश चंद शर्मा व पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह हंगामा करते रहे। इसी बीच कुछ लोगों ने इंस्पेक्टर से अभद्रता करने के साथ ही तोड़फोड़ करते हुए हाईवे जाम करने का प्रयास करने लगे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
इंस्पेक्टर गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने व संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दो नामजद समेत करीब डेढ़ सौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, गिरफ्तारी से बचने के लिए कई लोग अपने घरों से फरार हो गए हैं।