ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
अधिवक्ता कृष्ण गोपाल की हत्या के लिए तमंचा उपलब्ध कराने वाले प्रवीण वाल्मीकि के गुर्गे की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस उसकी तलाश के लिए पश्चिमी यूपी में दबिश दे रही है जबकि एक गुर्गे को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुनहरा निवासी अधिवक्ता कृष्ण गोपाल की 21 दिसंबर को दो बदमाशों ने नई बस्ती में गोली मारकर हत्या कर दी थी। फुटेज में पहचान होने के बाद पुलिस ने शेखर निवासी नई बस्ती और आकाश उर्फ गंडासा निवासी पूर्वी अंबर तालाब के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। मंगलवार को पुलिस ने शेखर और आकाश को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि अधिवक्ता का वाल्मीकि से एक प्लाट को लेकर विवाद था। इसके चलते वह अधिवक्ता की हत्या करवाना चाहता था। इसी बीच उसे पता चला कि शेखर का भी अधिवक्ता से विवाद है। इसके बाद वाल्मीकि ने अपने दो गुर्गों आशीष उर्फ कन्नू और सलमान को शेखर से संपर्क कर अधिवक्ता की हत्या करवाने की बात कही थी। इसके बाद दोनों ने शेखर और आकाश को तमंचा उपलब्ध करवाया था। तमंचा मिलने पर शेखर और आकाश ने अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बुधवार को वाल्मीकि के गुर्गे आशीष उर्फ कन्नू को धनौरी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया था। लेकिन अभी तक सलमान पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि सलमान की तलाश की जा रही है।