रुड़की। अपनी मांगों और समस्याओं के समाधान करवाने सीएमएस कार्यालय पहुंचे सिविल अस्पताल के कर्मचारियों की एक डाक्टर से कहासुनी होगी। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इसके विरोध में कर्मचारियों ने डाक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी की मांग को नारेबाजी कर दी। सीएमएस से वार्ता विफल होने पर कर्मचारियों ने डाक्टर के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
शनिवार दोपहर एक बजे चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संघ के कार्यकर्ता संघ जिलाध्यक्ष नीरज गुप्ता की अगुवाई में सिविल अस्पताल स्थित सीएमएस कार्यालय में सीएमएस से वार्ता करने पहुंचे। कर्मचारी सीएमएस के सामने अपना पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान डॉ. संजय कंसल भी कार्यालय में पहुंच गए। वार्ता कर रहे कर्मचारियों ने डॉ. संजय कंसल को कार्यालय से बाहर जाने को कहा तो वह भड़क गए। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद तीखी नोकझोंक शुरू हो गई । आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर कंसल ने कर्मचारियों को नौकरी से निकलवाने और देख लेने की धमकी दे डाली। महिला कर्मचारियों के सामने गाली-गलौज करने लगे। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने कार्यालय में ही डाक्टर कंसल के खिलाफ नारेबाजी कर दी। विरोध होता देख डॉ. कंसल कार्यालय से बाहर निकल गए। उसके बाद कर्मचारी भी बाहर निकल आए और डा. कंसल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सीएमएस से वार्ता विफल होने पर कर्मचारियों ने गंगनहर कोतवाली में डॉ. संजय कंसल के खिलाफ तहरीर दी। थानाध्यक्ष कमल कुमार लुंठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
इन मांगों को लेकर कर्मी पहुंचे थे वार्ता करने
>> कर्मचारियों के कामों में कमी निकालना, मनमानी का आरोप लगाना सही नहीं।
>> सीएमएस कार्यालय में मीटिंग के नाम पर समय खराब किया जा रहा है।
>> सीएमएस कार्यालय के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्रित करना का आरोप।
>> वरिष्ठ नागरिकों और पुलिसकर्मियों को अपने कार्यालय के बाहर इंतजार करवाना।
वार्ता में यह थे उपस्थित
नर्सेज संघ की जिलाध्यक्ष सुधा तिवारी, मातृत्व शिशु कल्याण शिशु कल्याण संघ की प्रदेश महामंत्री पवन कुमारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री दिनेश लखेड़ा, ऊषा श्रीवास्तव, अंजू महरा, मनोज चंद्र, राजेंद्र तेश्वर, महावीर आदि।
सीएमएस कार्यालय में वार्ता चल रही थी। इसमें हरिद्वार से भी कई कर्मचारी आए हुए थे। जैसे ही कर्मचारियों ने सीएमएस के सामने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखनी शुरू की। तभी डॉ. संजय कंसल कार्यालय में आ धमके। उन्होंने वार्ता कर रहे कर्मचारियों से पहले गाली-गलौज की उसके बाद उन्हें धमकी दी।
नीरज गुप्ता, जिलाध्यक्ष चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संघ हरिद्वार
कर्मचारियों के आरोप बेबुनियाद हैं। मैं सीएमएस कार्यालय में समझौता करवाने गया था, लेकिन वार्ता कर रहे कर्मचारी उनसे अभद्रता और बदतमीजी करने लगे। मुझे बाहर जाने की धमकी देने लगे।
डॉ.संजय कंसल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ
सीएमएस आफिस में कर्मचारियों के साथ वार्ता आयोजित की गई थी। इस दौरान डॉ. संजय कंसल भी आ गए थे। इस दौरान वार्ता कर रहे कर्मचारियों और संजय कंसल में कहासुनी हो गई। मैंने समझाने का प्रयास किया। मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मैं कर्मचारियों की समस्याएं सुनने के लिए हर समय तैयार रहता हूं।
डॉ.डीके चक्रपाणि, सीएमएस सिविल अस्पताल रुड़की।
डॉक्टर की गिरफ्तारी न हुई तो कार्यबहिष्कार
रुड़की। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष नीरज गुप्ता ने कहा कि यदि डॉक्टर संजय कंसल की गिरफ्तारी नहीं की गई तो सोमवार को सिविल अस्पताल में नर्स और अन्य कर्मचारी कार्यबहिष्कार करेंगे। डॉक्टर संजय कंसल की ओर से वार्ता करने वाले कर्मचारियों को धमकी देने गाली गलौच करने और वार्ता में व्यवधान पहुंचाने की सूचना सीएमओ हरिद्वार, सीएम कार्यालय, स्वास्थ्य निदेशालय देहरादून को प्रेषित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर कंसल का तबादला उत्तरकाशी में तीन साल के लिए हुआ था। लेकिन वह वहां एक साल रहकर वापस रुड़की आ गए यह पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।