अमर उजाला, ब्यूरो
रुड़की। जिला सहकारी बैंक में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवती के परिचित ने एक लाख रुपये की ठगी कर डाली। आरोपी ने युवती को नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया। पीड़ित युवती ने कोतवाली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। वहीं बिजनौर के एक किसान से बेटे की नौकरी लगाने के लिए साढ़े तीन लाख की ठगी की गई।
ग्राम रामपुर निवासी जैबा ने सिविल लाइंस कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि कुछ माह पहले उसकी कलियर क्षेत्र के रहने वाले एक परिचित से मुलाकात हुई थी। परिचित ने युवती व उसकी मां से देहरादून, हरिद्वार समेत कई स्थानों पर जिला सहकारी बैंक में नौकरी लगवाने की बात कही। इस दौरान उसने युवती व उसकी मां से नौकरी लगवाने की एवज में एक लाख रुपये मांगे। इसके बाद दोनों मां-बेटी को युवक ने देहरादून पैसे लेकर बुलाया। दोनों मां-बेटी ने देहरादून जाकर उसे एक लाख रुपये दे दिए। कुछ दिन बाद आरोपी ने युवती को जिला सहकारी बैंक में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र देते हुए 18 जून को ज्वाइनिंग होने की बात कही। निर्धारित तिथि से पहले आरोपी ने युवती को किसी कारणों से अभी ज्वाइनिंग न होने और नियुक्ति पत्र लेकर बैंक में न जाने की बात कही। इसके बाद युवती ने ज्वाइनिंग के लिए कई बार फोन किया, लेकिन वह बहाना बनाता रहा। युवती ने रुपये वापस मांगे तो उसने देने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने सोमवार को कोतवाली पहुंचकर इंस्पेक्टर साधना त्यागी को मामले की जानकारी दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि लेनदेन का मामला देहरादून का है। सिविल लाइंस कोतवाली में जीरो में मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए पुलिस को देहरादून भेजा जाएगा।
किसान से ठगी के मामले में पुलिस खामोश
पीड़ित की तहरीर पर दर्ज नहीं किया केस
कोतवाली पहुंचकर आरोपियों पर की कार्रवाई की मांग
अमर उजाला, ब्यूरो
रुड़की। बिजनौर के एक किसान से बेटे की नौकरी लगाने के मामले में पुलिस ने करीब पंद्रह दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित कार्रवाई के लिए कोतवाली के चक्कर काट रहा है, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। पुलिस का तर्क है कि फुटेज के आधार पर ठगी करने वालों की छानबीन की जा रही है। यूपी के बिजनौर के गांव स्वाहेड़ी निवासी किसान बिजेंद्र सिंह को कुछ लोगों ने बेटे की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उन्होंने किसान से नौकरी लगवाने की एवज में करीब साढ़े तीन लाख रुपये मांगे थे। किसान ने झांसे में आकर पूरी रकम दे दी थी। रकम लेने के बाद उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर दिया था और फरार हो गए थे। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस को इन लोगों से बातचीत के दौरान एक होटल की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके पुलिस ने न ही केस दर्ज किया और न ही ठगी करने वालों तक पहुंच पाई है। ऐसे में पीड़ित इंसाफ के लिए कोतवाली में चक्कर काट रहा है। पुलिस पीड़ित किसान को ठगी करने वालों की तलाश का आश्वासन देकर लटका रही है। सोमवार को एक बार फिर पीड़ित ने कोतवाली में पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। इंस्पेक्टर साधना त्यागी ने बताया कि मामले में छानबीन चल रही है। जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।