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शहर से देहात तक कांपे झोला छाप डॉक्टर

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रुड़की। जिलाधिकारी दीपक रावत के आदेश पर रविवार को प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर से देहात तक झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ छापेमारी की। इस दौरान रुड़की समेत विभिन्न कस्बों एवं देहात में कागजात आदि न दिखाने पर 42 क्लीनिक सील किए गए। सबसे ज्यादा 23 क्लीनिक झबरेड़ा में सील किए गए। मंगलौर और सुल्तानपुर में छह-छह, रुड़की और लंढौरा में तीन-तीन और भगवानपुर में एक क्लीनिक सील किया। चार क्लीनिक संचालकों को कागज दिखाने के लिए चार दिन का समय देकर छोड़ दिया गया है। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही अलग-अलग टीमों ने छापेमारी शुरू की तो कई संचालक शटर गिराते हुए भागने लगे। जेएम नरेंद्र भंडारी ने बताया कि सभी संचालकों से क्लीनिक संचालन के संबंध में सीएमओ को कागज दिखाने के लिए कहा गया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलौर में छह क्लीनिक नहीं दिखा पाए कागज, ताला
मंगलौर।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर के क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों में छापामारी की। इस दौरान छह क्लिनिक और मेडिकल स्टोर कोई कागज न दिखा पाए। जिसके चलते टीम में शामिल सदस्य सभी में ताला लगाकर चाबी अपने साथ ले गए।
उपजिलाधिकारी प्रेमलाल व एसीएमओ डा. अशोक कुमार ने नगर के मोहल्ला किला में एक डेंटल क्लीनिक पर प्रमाणपत्रों की जांच की। इस दौरान क्लीनिक चिकित्सक कोई प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाया। इसके बाद पर टीम ने क्लीनिक बंद करवा कर ताला लगा दिया। इसके बाद टीम ने पैथोलॉजी सेंटर में प्रमाण पत्रों की जांच की। इसके संचालक के पास भी प्रमाणपत्र न मिलने पर सेंटर बंद करवा दिया गया। इस दौरान टीम ने एक नर्सिंगहोम में छापेमारी की तो चिकित्सक न होने पर कंपाउंडर मरीजों को दवाई बांटते मिला। इसके अलावा इस नर्सिंगहोम में दो मरीज को ग्लूकोज लगी हुई थी। टीम ने इसे भी बंद करा दिया। मोहल्ला लाल बड़ा में एएनएम की ओर से संचालित क्लीनिक को बंद कराया गया है। छापामारी की खबर मिलते ही नगर के तमाम मेडिकल स्टोर और क्लिनिक धड़ाधड़ बंद हो गए। टीम में सीएससी प्रभारी डॉ पीके सिंह, कानूनगो मंगेश त्यागी लेखपाल सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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लंढौरा में एक प्रसव केंद्र समेत तीन क्लीनिकों पर कार्रवाई
लंढ़ौरा।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नरेंद्र भंडारी के नेतृत्व में राजस्व विभाग और चिकित्सकों की टीम ने क्षेत्र के कई क्लीनिकों में छापे मारे। इनमें दो क्लीनिक व एक प्रसव केंद्र को कागजात न दिखाने पर सील कर दिया। जबकि अधिकांश चिकित्सक क्लीनिक बंद कर भाग निकले।
टीम सबसे पहले चौकी के निकट अंसारी क्लीनिक पहुंची। इसमें चिकित्सक का बेटा मिला, लेकिन वह कोई कागजात नहीं दिखा पाया। इस पर टीम ने क्लीनिक सील कर दिया। डा. प्रीतम के क्लीनिक पर टीम को जो डिग्री दिखाई गई उससे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संतुष्ट नहीं हुए और टीम ने इसे सील कर दिया। मोहल्ला किला में स्थित डॉ. निर्मला के प्रसव केंद्र पर भी कई खामियां मिलने पर ताला लगा दिया। कार्रवाई के दौरान प्रसव केंद्र पर भाजपा नेता मनोज नायक पहुंचे और उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन जेएम नरेंद्र भंडारी ने इन्हें लगातार शिकायतें मिलने का हवाला देकर चुप कराया। जेएम ने बताया जो चिकित्सक क्लीनिक बंद कर फरार हो गए हैं। उन्हें चिह्नित किया जाएगा। टीम में लेखपाल संदीप सैनी, पंकज कुमार, डॉ महेश खेतान व पुलिस बल शामिल रहे।
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