ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। ओएलएक्स पर फर्नीचर बेचने के लिए विज्ञापन डालना एक वैज्ञानिक की पत्नी को भारी पड़ गया। साबइर ठगों ने उनसे ऑनलाइन रकम ट्रांसफर के नाम पर हजारों रुपये की ठगी कर डाली। वैज्ञानिक की पत्नी ने ठगी की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अब तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। साथ ही जिस नंबर से वैज्ञानिक की पत्नी के पास कॉल आई थी, उसकी आईडी की भी जांच की जा रही है।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित सीबीआरआई में मिकी मैकॉन दलबेहरा वैज्ञानिक हैं। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुछ दिन पहले उनकी पत्नी ने अपना पुराना फर्नीचर बेचने का एक विज्ञापन ओएलएक्स पर डाला था। सोमवार को उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले बताया कि उसने उनके फर्नीचर का विज्ञापन देखा है और वह फर्नीचर खरीदना चाहता है। फर्नीचर का सौदा तय हो गया। कॉल करने वाले ने ऑनलाइन रकम जमा करने की बात कही। इस पर वैज्ञानिक की पत्नी ने पेएटीएम के जरिए रकम ट्रांसफर करने को कहा। कॉल करने वाले ने उनसे खाता नंबर और पेएटीएम नंबर की जानकारी ली और वैज्ञानिक की पत्नी के खाते से पांच हजार रुपये निकाल लिए। वैज्ञानिक की पत्नी के रुपये निकालने का विरोध करने पर उसने गलती से रकम ट्रांसफर होने की बात कही। लेकिन इसके बाद साइबर ठग ने तीन बार और खाते से पांच-पांच हजार की रकम निकाल ली। इसके बाद साइबर ठग ने कॉल काट दी। वैज्ञानिक ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। मोबाइल नंबर की आईडी निकलवाई जा रही है।