ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। देहरादून से बिजली चोरी पकड़ने मोहम्मदपुर गांव पहुंची विजिलेंस की टीम पर हमला करने व एई को बंधक बनाकर पिस्टल तानने के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इस दौरान कोर्ट परिसर में पुलिस बल भी तैनात रहा। मामले में पुलिस चार आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी है। जबकि अभी तीन आरोपी फरार चल रहे हैं।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहम्मदपुर गांव में 19 जून को देहरादून विजिलेंस की टीम बिजली चोरी के खिलाफ छापामारी करने गई थी। इस बीच टीम ने घर पर छापामारी कर बिना कनेक्शन के एसी चलती पकड़ी थी। इसके बाद टीम ने तार उतारने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस बीच ग्रामीणों ने विजिलेंस टीम के साथ अभद्रता कर दी थी। साथ ही मारपीट करते हुए एई पर पिस्टल तान दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने टीम को बंधन मुक्त कराया था। इसके बाद विजिलेंस टीम ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 11 लोगों के खिलाफ नामजद व डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। पुलिस इस मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को मुकीम, फईम व साबुल ने रामनगर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। जबकि एक आरोपी एहसान पहले ही सरेंडर कर चुका है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तीन आरोपी फरार चल रहे हैं। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। घटनास्थल की जो वीडियो मिली है, उस वीडियो से भी आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।