ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
क्षेत्र के एक गांव में उपले देने गई किशोरी के साथ छेड़छाड़ किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्कूली दस्तावेजों में किशोरी बालिग निकली है। पुलिस ने दस्तावेजों के आधार पर पॉक्सो एक्ट की धारा हटा दी है। पुलिस युवती के बयान दर्ज कराने की तैयारी में जुट गई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव में रहने वाले एक व्यक्ति की पुत्री शुक्रवार को गांव के निकट ही अपनी पशुशाला में उपले देने के लिए गई थी। इसी बीच गांव के एक युवक ने किशोरी को जबरन अपने घर में खींच लिया और उसके साथ छेड़छाड़ शुरु कर दी। लेकिन इसी बीच किशोरी का भाई और जीजा मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि विरोध करने पर युवक ने अपने परिवार के कई लोगों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट कर दी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में पीड़ित के परिजनों की तहरीर पर छेड़छाड़ करने वाले युवक अमजद उसके साथी शाहिद पुत्र हनीफ, इमरान पुत्र लतीफ , आजिद पुत्र शफीक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने इस मामले में छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट धारा लगाई थी। लेकिन जब किशोरी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की गई तो दस्तावेजों के आधार पर किशोरी का जन्म वर्ष 2000 का सामने आया है। कोतवाली के एसएसआई रणबीर सिंह चौहान ने बताया कि दस्तावेजों के आधार पर किशोरी पूरी तरह से बालिग है। इसी के चलते दर्ज किए गए मुकदमे से पॉक्सो एक्ट की धारा हटा दी गई है। अब किशोरी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।