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लाइट, कैमरा, एक्शन के बीच ‘विलेन’ बने कर्मचारी

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। यूपी सिंचाई विभाग की उद्योगशाला में टेली फिल्म की शूटिंग के दौरान लाइट, कैमरा और एक्शन के बीच लिए जा रहे अश्लील सीन देख वहां पहुंचे विभागीय कर्मचारी ‘विलेन’ बनकर शूटिंग कर रहे लोगों पर टूट पड़े। कर्मचारियों ने बिना परमिशन के शूट की जा रही फिल्म और फिल्म में अश्लील सीन का विरोध किया। शूटिंग करने वालों ने कर्मचारियों से अभद्रता कर दी। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने शूटिंग करने वालों की जमकर पिटाई कर दी।
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फिल्म की शूटिंग के बीच हीरो और विलेन में मारधाड़ आम बात है, लेकिन शूटिंग के बीच में हीरो और विलेन की हकीकत में पिटाई शायद ही कभी देखी। ऐसा एक मामला मंगलवार को यूपी सिंचाई विभाग की उद्योगशाला में देखने मिला। दरअसल, मंगलवार की दोपहर दिल्ली से एक टेली फिल्म की शूटिंग करने वालों की 15 सदस्यीय टीम नगर निगम के पास स्थित यूपी सिंचाई विभाग की उद्योगशाला में पहुंची। उद्योगशाला में तैनात कर्मचारियों ने शूटिंग करने वालों को विभाग से अनुमति दिखाए जाने की बात कही, लेकिन वह कोई अनुमति नहीं दिखा पाए। कर्मचारियों के विरोध के बाद भी शूटिंग करने वाले उद्योगशाला परिसर के अंदर जा घुसे और लाइट, कैमरा निकाल लिया। इसके बाद यह लोग लाइट और कैमरे के बीच एक युवती के साथ सीन शूट करने लगे। सीन में अश्लीलता देख कर्मचारियों ने विरोध किया। विरोध के बावजूद शूटिंग जारी रहने पर कर्मचारियों ने शूटिंग करने वालों को उद्योगशाला से बाहर जाने की बात कही। इस पर शूटिंग करने वालों ने कर्मचारियों से अभद्रता कर दी। गुस्साए कर्मचारियों ने शूटिंग कर रहे लोगों को पीटना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने शूटिंग करने वालों को उद्योगशाला परिसर में दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग भी शूटिंग करने वालों के पक्ष में पहुंच गए। स्थानीय लोगों के बीच बचाव करने के बाद कर्मचारी शांत हुए। इसके बाद शूटिंग करने वाले वहां से खिसक लिए। इस बीच कर्मचारियों ने मामले की जानकारी अधीक्षण अभियंता एनके यादव को दी।
टेली फिल्म कर रहे थे शूट
दिल्ली से करीब 15 सदस्यीय टीम एक देहाती टेली फिल्म की शूटिंग करने रुड़की स्थित सिंचाई विभाग की उद्योगशाला पहुंची थी। इस दौरान टीम के पास नकली हथियार भी थे। साथ ही उनके साथ कुछ स्थानीय लोग भी थे। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने ही शूटिंग करने वालों के लिए उद्योगशाला के बारे में जानकारी दी थी।
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लेनी होती है अनुमति
फिल्म की शूटिंग करने से पूर्व जिस स्थान पर शूटिंग करनी होती है, उसकी नियमानुसार अनुमति लेनी होती है। इतना ही नहीं संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को भी अवगत कराया जाता है। शूटिंग के दौरान अगर कोई बवाल हो जाए तो मौके पर मौजूद पुलिस स्थिति को काबू करती है, लेकिन सिंचाई विभाग की उद्योगशाला में शूटिंग करने वालों ने न ही विभाग से अनुमति ली और न ही संबंधित थाने से। इससे के चलते विवाद हो गया।
फिल्म बनाने वालों की लोगों ने बनाई फिल्म
यूपी सिंचाई विभाग की उद्योगशाला में फिल्म शूट करने वालों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि लोग उनकी ही फिल्म बना लेंगे। दरअसल, जिस दौरान शूटिंग करने वालों की पिटाई हो रही थी, उस समय भीड़ में शामिल कई लोग इनकी मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। लोगों ने शूटिंग करने वालों की पूरी वीडियो बनाई और उसे अपने-अपने परिचितों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
कुछ लोगों ने जानकारी दी थी कि वह जो अंग्रेजों के जमाने की वर्कशॉप पुरानी धरोहर है, वह उस पर एक शॉर्ट फिल्म बनाना चाहते हैं। साथ ही बताया कि वह इस धरोहर को एक वेबसाइट पर डालकर विश्वपटल पर दिखाएंगे। इसलिए उन्हें उद्योगशाला में जाने की मौखिक अनुमति दी थी, लेकिन बाद में कर्मचारियों ने बताया कि यह लोग कुछ और ही फिल्म शूट कर रहे हैं। इसके बाद कर्मचारियों से इन लोगों को बाहर निकालने की बात बोली थी।
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-एनके यादव, अधीक्षण अभियंता, यूपी सिंचाई विभाग
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