ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर। रुद्रप्रयाग क्षेत्र की महिला को शादी कराने का झांसा देकर उसकी नाबालिग बेटी को बेचने के मामले में पुलिस ने नाबालिग के पॉक्सो कोर्ट में बयान दर्ज कराए। जहां पर कोर्ट ने किशोरी को नाबालिग मानते हुए उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है।
रुद्रप्रयाग के थाना अगस्त्यमुनि के एक गांव निवासी एक महिला की ससुराल लक्सर कोतवाली क्षेत्र के कुआखेड़ा गांव में है। महिला के भाई अनसूया की कुआंखेड़ा गांव निवासी मुनेश पुत्र शोभाराम के साथ दोस्ती हो गई। इस दौरान मुनेश अनसूया के साथ अगस्त्यमुनि गया। वहां अनसूया ने मुनेश की मुलाकात एक महिला से कराई। महिला का पति उसे छोड़कर चला गया था। ऐसे में मुनेश ने महिला की दोबारा शादी कराने का झांसा देकर उसे और उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को लक्सर ले आया। आरोप है कि यहां महिला की शादी कराने के बजाए मुनेश ने अपने साथी मंगलौर के गाधारोणा निवसी अनूप गिरि की मदद से महिला की नाबालिग बेटी को उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के किला परीक्षितगढ़ निवासी नरेश पुत्र कांति के हाथों बेच दिया। नाबालिग की मां की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने किला परीक्षितगढ़ की चौकी आसिफाबाद क्षेत्र के गांव में आरोपी नरेश के घर पर छापा मारा था, लेकिन किशोरी और युवक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके थे। बाद में पुलिस ने मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के गाधारोणा गांव निवासी अनूप गिरि को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अनूप के माध्यम से किशोरी को बरामद कर आरोपी युवक नरेश को धर दबोचा। कोतवाली के दरोगा लक्ष्मण दत्त जोशी ने बताया कि मामले में किशोरी के पॉक्सो कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। जहां किशोरी ने चार लोगों पर उसकी जबरन शादी कराने का आरोप लगाया। वहीं किशोरी की मां ने पॉक्सो कोर्ट में उसके नाबालिग होने के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। इस पर पॉक्सो कोर्ट ने दस्तावेजों के आधार पर किशोरी को नाबालिग मानते हुए उसे उसके परिजनों के सुपुर्द करने के आदेश दिए। वहीं पॉक्सो कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपी अनूप गिरि और नरेश को जेल भेज दिया है। मामले के दो अन्य आरोपी मुनेश और अनसूया अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का कहना है इन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।