ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। एआरटीओ कार्यालय में नौकरी लगवाने का झांसा एक दंपति ने छह लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर डाली। रकम वापस देने का दबाव बनाने पर दंपति ने कई बार चेक दिए, लेकिन चेक बाउंस हो गए। अब दंपति ने रुपये देने से इनकार कर दिया है। पीड़ितों ने एसपी देहात से मिलकर मामले में कार्रवाई की मांग की। एसपी देहात ने मामले की जांच सीओ रुड़की को सौंपी है।
भगवानपुर थाना क्षेत्र के गांव हकीमपुरा तुर्रा निवासी पप्पन कुमार, नीटू सिंह, राजकुमार, रीटू सैनी, किरण पाल और शुभम सैनी निवासी ग्राम हाल्लूमाजरा, थाना भगवानपुर ने शनिवार को एसपी देहात नवनीत सिंह से मुलाकात की। पीड़ितों ने बताया कि कुछ माह पूर्व उनकी मुलाकात ज्वालापुर निवासी एक दंपति से हुई थी। दंपति ने बताया था कि उनकी एआरटीओ कार्यालय में अच्छी जान पहचान है और वह उनकी नौकरी लगवा देंगे। नौकरी लगवाने की एवज में उन्हें करीब तीन-तीन लाख रुपये देने होंगे। दंपति के झांसे में आकर उन्होंने कुल 18,68,000 की रकम दे दी। इस बीच दंपति ने उन्हें एआरटीओ में नौकरी लगने का नियुक्ति पत्र दिए। साथ ही बताया कि वह अब नियुक्ति पत्र लेकर एआरटीओ कार्यालय जाकर नियुक्ति ले सकते हैं। आरोप है कि वह नियुक्ति पत्र लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे तो वह पता चला कि ऐसी कोई भर्ती नहीं निकली है और न ही कोई नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने छानबीन की तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। उन्होंने दंपति से संपर्क किया तो वह रकम लौटाने में आनाकानी करने लगा। उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो दंपति ने कई बार चेक दिए। इसे उन्होंने बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गए। उन्होंने रकम वापसी करने का दबाव बनाया तो महिला ने उन पर झूठा आरोप लगाते हुए ज्वालापुर में केस दर्ज करवा दिया। पीड़ितों ने एसपी देहात से मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट को दी गई है। जांच करने के बाद केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।