दवा की छह कंपनियां जांच में फर्जी
रुड़की। भगवानपुर क्षेत्र के विभिन्न नाम-पतों पर वर्षों से चल रही दवा की छह कंपनियां जांच में फर्जी पाई गई हैं। पड़ताल में मौके पर किसी का मकान तो किसी की दुकान मिली है। माना जा रहा है कि यह सब ताना-बाना लिंकर फार्मा कंपनी की ओर से ही बुना गया था। ऐसे में अब ड्रग विभाग को लिंकर फार्मा के मुख्य आरोपी की तलाश है, जिसके खिलाफ पहले से भगवानपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है।
जयपुर (राजस्थान) में डेढ़ करोड़ रुपये की नकली दवाएं पकड़ी जाने के बाद वहां की टीम ने स्थानीय अधिकारियों की मदद से भगवानपुर क्षेत्र में छापेमारी की थी। यहां एक गोदाम में दवाओं का जखीरा बरामद किया गया था। यह गोदाम और दवाएं लिंकर फार्मा नामक कंपनी की थी। इसके बाद जयपुर से आए ड्रग अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को दस कंपनियों की सूची सौंपी थी, जिसकी जांच की जानी थी, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की ओर से की जांच में छह कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। इनका रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड में नहीं है। जबकि दिए गए पते पर किसी का मकान तो किसी की दुकान मिली है। मालूम हो कि पिछले कई सालों से उक्त कंपनियों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन हाल में फार्मा लिंकर कंपनी में छापेमारी कर ट्रांसपोर्टर और मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। फिर दो दिन पहले अल्ट्रामेड लाइफ सांइसेज कंपनी में छापेमारी कर ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से चार आरोपियों को नामजद किया था। साथ ही फार्मा लिंकर के मालिक समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें से दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि फार्मा लिंकर के मालिक समेत अन्य की गिरफ्तारी अब होनी है। इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार का कहना है कि जयपुर के अधिकारियों की ओर से दी गई सूची में छह कंपनियां फर्जी पाई गई हैं। शेष अन्य कंपनियों के बारे में जांच पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।