ब्यूरो/अमर उजाला, भगवानपुर।
राजकीय इंटर कॉलेज, सिकरोढ़ा के पास टूटकर गिरे हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आने स्कूल के 20 बच्चे बाल बाल बच गए। कॉलेज के प्रधानाचार्य की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बिजली का तार नहीं जोड़ा जा सका है। वहीं, 10 घंटे बीतने के बाद भी क्षेत्र के जेई और एसडीओ को घटना का पता तक हीं नहीं था। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऊर्जा निगम कलियर में हुई घटना के बाद भी सबक नहीं ले रहा है
देहात में ऊर्जा निगम विद्युत सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। इसका उदाहरण मंगलवार सुबह देखने को मिला। राजकीय इंटर कॉलेज, सिकरोढ़ा के पास एचटी लाइन का तार टूटकर गिर गया था। सुबह नौ बजे बच्चे स्कूल जा रहे थे। बिजली का टूटा तार देखकर किसी ने शोर मचाया। करीब 20 बच्चे बाल बाल बच गए। दूसरे रास्ते से छात्र स्कूल पहुंचे और प्रधानाचार्य को बिजली का तार गिरे होने की जानकारी दी। प्रधानाचार्य भारतवीर मलिक ने तत्काल डाडा जलालपुर स्थित बिजलीघर में सूचना दी।
प्रधानाचार्य का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी ऊर्जा निगम का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। तार टूटने के 10 घंटे बाद भी उसे ठीक नहीं किया जा सका। वहीं जब अमर उजाला के प्रतिनिधि की ओर से सिकरोढ़ा में बिजली के हाईटेंशन तार टूटने की जानकारी ऊर्जा निगम के स्थानीय एसडीओ सजल कुमार और जेई मुकेश कुमार से ली तो उन्होंने इस प्रकार की घटना के संज्ञान में न होने और स्थानीय लाइनमैन से पूछकर बताने की बात कही। इस पर लाइनमैन से बात की गई तो उसने तार टूटने की पुष्टि की। उसने बताया कि तार सोमवार की रात को टूट गया था।
यदि हाईटेंशन लाइन का तार टूटने के बाद भी क्षेत्र के जेई और एसडीओ को जानकारी नहीं है तो यहं गंभीर मामला है। संबंधित जेई से जवाब तलब किया जाएगा। साथ अन्य कर्मचारियों को भी कलियर की घटना से सबक सीखने को कहा जाएगा।
- अमित कुमार, उप महाप्रबंधक ऊर्जा निगम रुड़की