ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता कर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को सिविल लाइंस पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से एक कार और उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दूसरी कार भी बरामद कर ली है।
शनिवार को सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई अभिनव शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बीते 21 अगस्त को रोडवेज बस अड्डे के पास बिहार के सरन निवासी विद्याभूषण प्रसाद पुत्र विश्वनाथ से कार सवार तीन बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर दो एटीएम कार्ड और 28 हजार रुपये ठग लिए थे। इसके बाद तीनों मौके से फरार हो गए थे। सिविल लाइंस कोतवाली में तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन एसएसपी के निर्देशानुसार, आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम गठित की गई थी। टीम ने शुक्रवार रात को घटना में शामिल एक आरोपी नितिन कुमार पुत्र भुवनेश कुमार निवासी त्रिलोकपुरी थाना मयूर विहार दिल्ली को दिल्ली से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों विकास पुत्र कन्नूलाल और महेश पुत्र मूलचंद के साथ कार में सवार होकर ऋषिकेश में ठगी की थी। उसी दिन ऋषिकेश से दिल्ली जाते समय रुड़की रोडवेज बस अड्डे के पास एक व्यक्ति से खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर दो एटीएम कार्ड और 28 हजार रुपये ठगे थे।
घटना के कुछ समय के बाद ऋषिकेश पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। करीब डेढ़ माह जेल में रहने के बाद आरोपियों ने रुड़की रोडवेज बस अड्डे पर एक युवक को कार में लिफ्ट देकर सोने की अंगूठी और छह हजार रुपये ठग लिए थे। युवक को हरिद्वार रोड पर कार से उतार कर आरोपी फरार हो गए थे। टीम ने आरोपी के कब्जे से एसेंट कार और निशानदेही पर उक्त घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को दिल्ली की एक पार्किंग से बरामद कर लिया है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह, उपनिरीक्षक कुलदीप कांडपाल, उपनिरीक्षक अंकुर शर्मा, दिनेश गौड़, राहुल धनिक, विनोद चपराना, अशोक कुमार, महिपाल और नितिन आदि शामिल थे।