लक्सर। एक शराब के ठेके को आग के हवाले करने के मामले में नौ आरोपियों को नैनीताल हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चार्जशीट निरस्त करने के आदेश दे दिए हैं।
वर्ष 2015 में आबकारी विभाग की ओर से दाबकी गांव में शराब का ठेका खोला गया था, लेकिन इसके विरोध में गांव की महिलाओं ने आंदोलन शुरू कर दिया था। नाराज महिलाओं ने तीन सितंबर 2015 ठेके में आग लगा दी थी। ठेका मालिक मुकेश कुमार ने आरोपियों के खिलाफ लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने दाबकी गांव के पूर्व प्रधान प्रमोद कुमार, उसकी मां, पत्नी, बेटा, भाइयों समेत नौ लोगों के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन आरोपी प्रमोद कुमार ने चार्जशीट निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दी थी। प्रमोद कुमार के अधिवक्ता बीएस अधिकारी का कहना था कि ठेका खोले जाने के बाद महिलाओं ने उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद ठेके को आग के हवाले किया था, लेकिन कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमा में राजनीतिक रंजिश के चलते उनका नाम दर्ज कराया गया है। साथ ही एक ही परिवार के कई लोगों को इसमें आरोपी बनाया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट को निरस्त करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद लक्सर की न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले की चार्जशीट निरस्त करते हुए सभी नौ आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए हैं। कोतवाल त्रिवेंद्र सिंह राणा न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश मिलने की पुष्टि की है।