ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी कंपनी में दवाई बनाने का काम चलने की शिकायत पर ड्रग कंट्रोलर देहरादून के निर्देश पर एएसडीएम रुड़की ने कंपनी पर छापामारी की। छापामारी के दौरान कंपनी में दवाइयां बनती मिली। इस पर एएसडीएम ने कंपनी को सील कर दिया। साथ ही कंपनी सील करने की जानकारी ड्रग कंट्रोलर देहरादून को दी। मामले में कंपनी पर एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सालियर में दवाई बनाने वाली पैंथर हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। वर्ष 2017 में ड्रग कंट्रोलर देहरादून को शिकायत मिली थी कि कंपनी में नकली दवाइयां बनाई जा रही है। शिकायत मिलने पर ड्रग कंट्रोलर देहरादून की टीम ने कंपनी में छापामारी की थी। साथ ही दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए थे। जांच में दवाइयों के सैंपल फेल पाए जाने पर पांच फरवरी 2019 को ड्रग कंट्रोलर देहरादून की ओर से कंपनी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इस बीच शिकायत मिली थी कि लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी कंपनी में दवाई बनाने का काम जारी है। शिकायत मिलने पर ड्रग कंट्रोलर विभाग के अधिकारियों ने इसकी जानकारी एएसडीएम रुड़की रविंद्र बिष्ट को कपंनी पर छापामारी कर जांच करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को एएसडीएम ने टीम के साथ कंपनी पर पहुंचकर छापामारी की। इस दौरान उन्हें कंपनी में दवाई बनाने का काम होता मिला। इस पर एएसडीएम ने ड्रग कंट्रोलर विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने कंपनी को सील कर दिया। एएसडीएम रविंद्र बिष्ट ने बताया कि कंपनी में लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी दवाइयां बनाई जा रही थी। कंपनी पर छापामारी कर सील कर दिया गया है। इस मामले में जल्द ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।