फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रिकेटर ऋषभ पंत के पिता का निधन

Thu, 06 Apr 2017 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर से लगे अशोक नगर ढंढेरा निवासी क्रिकेटर ऋषभ पंत के पिता राजेंद्र पंत-53 का बुधवार की देर रात निधन हो गया। सूचना पर बृहस्पतिवार की सुबह ऋषभ पंत भी दिल्ली से रुड़की पहुंच गए। इसके बाद परिजन शव को लेकर हरिद्वार रवाना हो गए, जहां विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन


आईपीएल 10 में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेल रहे युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत के पिता राजेंद्र पंत प्रतिदिन की तरह बुधवार को भी दिन में स्वस्थ्य थे, लेकिन रात में सोने के बाद उनका निधन हो गया। पहले तो परिजनों को इसकी भनक भी नहीं लगी, लेकिन देर रात काफी देर तक जगाने के बाद भी जब उनकी नींद नहीं खुली तो परिजनों के होश उड़ गए। आनन फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों की ओर से इसकी सूचना ऋषभ पंत सहित अन्य परिजनों और करीबियों को दिया गया। सूचना पर बृहस्पतिवार की सुबह ऋषभ पंत भी घर पहुंच गए। सुबह आसपास के लोगों को इसकी जानकारी होने पर हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। लगभग दस बजे परिजन और क्षेत्रवासी शव के अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार रवाना हुए।

कनखल श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार    
भारतीय क्रिकेट 20-20 टीम और आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की और से खेल रहे रुड़की निवासी ऋषभ पंत के पिता राजेंद्र पंत की पार्थव देह का बृहस्पतिवार को कनखल स्थित श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। ऋषभ और उसके चाचा ललित पंत ने चिता को मुखाग्नि दी। बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर राजेंद्र पंत को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर  ढंडेरा के जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र राणा, भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष सतीश नेगी, ऋषभ के कोच अवतार सिंह, इंद्रमोहन बड़थ्वाल, मकर सिंह बिष्ट, देव सिंह सावंत, मोहन भंडारी, दिनेश बिष्ट, वासुदेव भट्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन


झुलसने से बाल-बाल बचे क्रिकेटर ऋषभ
कनखल श्मशानघाट पर पिता की चिता को मुखाग्नि देते समय क्रिकेटर ऋषभ पंत झुलसने से बाल-बाल बचे।
बृहस्पतिवार को ऋषभ पंत के पिता राजेंद्र पंत की पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए कनखल श्मशानघाट पर लाया गया था। ऋषभ पंत और उनके चाचा ललित पंत पार्थिव देह को मुखाग्नि दे रहे थे। इसी दौरान गंगा की तरफ से तेज हवाएं चलने से आग की लपटें ऋषभ पंत और उनके चाचा की तरफ आ गई। ऋषभ के हाथ और पांवों पर आग की लपटें लगी। आग की लपटों से हुई जलन के कारण वे काफी देर तक गंगा के किनारे बैठे रहे।     
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें