नगर निगम रुड़की की ओर से 5.82 करोड़ रुपये के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) का टेंडर जारी करने के विरोध में पार्षदों ने पहले मेयर के कक्ष में और इसके बाद नगर आयुक्त कार्यालय में जमकर हंगामा किया। पार्षदों का कहना था कि बोर्ड बैठक में मिले आश्वासन के अनुरूप पहले विकास समिति और कार्यकारिणी का गठन होना चाहिए था। इसके बाद ही किसी भी प्रकार के टेंडर जारी होने चाहिए थे।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके वार्डों में 15-15 लाख के काम कराए जाने के वादे भी पूरे नहीं हुए। इस दौरान मेयर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर टेंडर निरस्त नहीं करने और 15 दिनों में समितियों का गठन नहीं करने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
ज्ञापन देकर पार्षदों ने कहा कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में यह सहमति बनी थी कि जब तक निगम की समितियों, विशेषकर स्वास्थ्य समिति, का गठन नहीं हो जाता तब तक स्वास्थ्य विभाग से जुड़े किसी बड़े कार्य या नए टेंडर को मंजूरी नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद 5.82 करोड़ रुपये का बड़ा टेंडर जारी कर दिया गया जो बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय की भावना के विपरीत है।
पत्र में कहा गया कि वर्तमान में नगर निगम की समितियों का गठन नहीं हुआ है। ऐसे में पहले समितियों का गठन किया जाना चाहिए। इससे निगम के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी तय होगी। पार्षदों ने पत्र में कहा कि बरसात का समय आने वाला है और नगर निगम क्षेत्र के अधिकांश वार्ड जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों और टूटी हुई नालियों जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इसके कारण बरसात के समय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में निगम की प्राथमिकता नागरिक सुविधाओं से जुड़े आवश्यक और जल्द कार्य होने चाहिए। पार्षदों ने मांग की कि 5.82 करोड़ रुपये के टेंडर को निरस्त कर संबंधित समितियों के गठन के बाद ही इस प्रकार के बड़े वित्तीय निर्णय लिए जाएं। साथ ही वार्डों में जलनिकासी, सड़क और नाली निर्माण जैसे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। हंगामा करने वालों में चारू चंद्र, जेपी शर्मा, शगुन शर्मा, अनुराग त्यागी, पंकज सतीजा, नितिन त्यागी, राकेश शर्मा, नवनीत शर्मा, सरदार सतबीर सिंह, मुंतजिर, संजय प्रजापति आदि मौजूद रहे।