स्थायी रूप से कनेक्शन कटवाने के 28 साल बाद 90 हजार का बिजली बिल भेजने को जिला उपभोक्ता फोरम ने सेवा में कमी मानते हुए बिल को निरस्त कर कर दिया है। साथ ही फोरम ने विद्युत विभाग को वाद खर्च के रूप में उपभोक्ता को दो हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं।
उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि ग्राम हरचंद पुर निवासी यशपाल सिंह के पिता रतिराम ने घरेलू विद्युत कनेक्शन लिया था। जरूरत खत्म होने पर उन्होंने 23 मार्च 1988 को शुल्क जमा कर विद्युत कनेक्शन अस्थायी रूप से कटवा दिया था। 13 साल पहले रतिराम की मृत्यु हो गई थी, लेकिन विभाग ने 90,381 रुपये का बिल मृतक रतिराम के नाम भेज दिया। उनके बेटे यशपाल सिंह ने विभाग में जाकर बिल निरस्त कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिला। 22 नवंबर वर्ष 2016 को उन्होंने उपभोक्ता फोरम में इसकी शिकायत की। फोरम के अध्यक्ष कंवर सैन, सदस्य अंजना चढ्ढा और विपिन कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इसे विभाग की लापरवाही माना और बिल निरस्त करने के साथ ही वाद खर्च में दो हजार रुपये पीड़ित को देने का फैसला सुनाया।