आयशा, वंशिका, रिया, खुशी, गरिमा, पलक, करिश्मा, नैन्सी, वंशिका, तनुष्का, श्वेता, आंचल, अनुकूल, बबीता, अंशु, हिमानी, रीना की तबीयत बिगड़ी है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
शिकारपुर स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में फूड प्वाइजनिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है। जानकारी के मुताबिक 2016 में डेढ़ दर्जन बच्चों को फूड प्वाइजनिंग हुई थी। इसके बाद 2018 में 70 बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए थे। बार बार इस तरह की घटना होना कई तरह के सवाल खड़े करता है।
कुछ बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। अभी तक हालत के बिगड़ने के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। बच्चों को परिजनों के साथ घर भेज दिया गया है।
अनूप पुंडीर, प्रधानाचार्य, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, लंढौरा
मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। यदि ऐसा कोई मामला आता है, तो उसकी जानकारी कराई जाएगी।
-आरडी शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के कुछ बच्चे अस्पताल आए थे। मामला फूड प्वाइजनिंग का लगता है। कुछ बच्चों की हालत नाजुक देखते हुए सिविल अस्पताल रुड़की के लिए रेफर किया गया है।
-जितेंद्र मिश्रा, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लंढौरा