नगर निगम में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ कर्मचारियों की ओर से पैसे लेकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राथमिकता के साथ प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। सामान्य आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
इन दिनों एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) सहित विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों की मांग बढ़ी हुई है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग नगर निगम में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस स्थिति का लाभ उठाते हुए कुछ लोग अवैध तरीके से प्रमाणपत्र जारी कराने का कार्य कर रहे हैं।
साथ ही पैसे लेकर हाथोंहाथ प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के भी आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर नगर निगम प्रशासन में हलचल मच गई है। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि इस संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। हालांकि शिकायत में बहुत अधिक पुष्ट तथ्य नहीं थे फिर भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों या व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।