मारपीट के मामले में पुलिस से शिकायत करते ग्रामीण
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राशन वितरण में गड़बड़ी के आरोप को लेकर दो पक्षों में पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई। मामले की जांच को पहुंची खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम हंगामे को देखकर बिना जांच किए ही वापस लौट आई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
कोतवाली रुड़की अतंर्गत भंगेड़ी गांव में प्रधानपति गफ्फार के भाई सत्तार के पास राशन का कोटा है। गांव के एक पक्ष का आरोप है कि राशन वितरण ठीक प्रकार से नहंी किया जा रहा है। जिसके कारण ग्रामीण राशन से वंचित रह जाते हैं। इस बात की शिकायत खाद्य आपूर्ति विभाग से गई थी। जिसके चलते खाद्य आपूर्ति विभाग के एमएस रावत जांच के लिए गांव में पहुंचे थे। टीम के गांव में आते ही ग्रामीण वहां एकत्रित हो गए। मामले को लेकर दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप होने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों में चल रही नोकझोंक मारपीट मेें बदल गई। बीडीसी सदस्य जावेद का आरोप है कि उसके साथ राशन डीलर पक्ष की ओर से मारपीट की गई। मारपीट और हंगामा देख खाद्यपूर्ति विभाग की टीम वहां से लौट गई।
दोनों पक्षों ने कोतवाली रुड़की पहुंचकर एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। दोनों पक्षों ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह नेगी के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखा। इस दौरान कोतवाली में ग्रामीणों की काफी भीड़ लगी रही। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।