भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की हरिद्वार में हुई रैली में भीड़ जुटाने के लिए विधानसभा टिकट चाहने वालों में होड़ मची रही। शुक्रवार देर रात तक रामनगर के एक होटल में चली भाजपाइयों की बैठक के बाद शनिवार सुबह भाजपा नेताओं ने अलग-अलग मोर्चा संभाला। रुड़की में मुख्य रूप से पूर्व विधायक प्रदीप बत्रा और सुरेश चंद्र जैन के बीच जोर आजमाइश रही। दूसरी ओर लंढौरा से पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने भी मोर्चा संभाला। ऐसे में दावेदारों के दम से हाईवे की सड़कें और भी तंग हो गईं, जिसका खामियाजा आमजनों को जाम में फंसकर भुगतना पड़ा। सुबह से हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए। शाम तक लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ा।
नारसन से लेकर रुड़की-हरिद्वार तक हर वीकेंड पर जाम की समस्या आम है। लेकिन शनिवार को वीकेंड के साथ ही अमित शाह की रैली ने एक बार फिर यातायात व्यवस्था पटरी से उतार दी। सुबह से हरिद्वार हाईवे पर रह-रहकर जाम लगता रहा। दोपहर बाद शाह की रैली को लेकर रवाना हुए वाहनों के बाद स्थित बेपटरी होने लगी। इस पर सिविल लाइंस और गंगनहर कोतवाली से पुलिस बल को हाईवे पर उतारा गया, लेकिन जाम के आगे सभी बेबस और लाचार नजर आए। शाम तक हाईवे पर हजारों वाहन रेंगते नजर आए। इससे शहर के संपर्क मार्गों पर भी लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ा। यातायात निरीक्षक वीपेंद्र का कहना है कि सुबह से ट्रैफिक सुचारु करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि भाजपा की रैली के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।
जैन के घर के बाहर खड़ी बसों से समस्या
पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन के घर के बाहर हाईवे पर खड़ी बसें और अन्य वाहनों से भी यातायात बाधित होता रहा। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर में यहां से रैली के लिए बसें रवाना होने के बाद यातायात में सुधार आया।
खानपुर चौराहे पर जाम
खानपुर चौराहे पर शनिवार दोपहर बाद शाम तक जाम लगता रहा। इस दौरान वाहन दिनभर रेंग-रेंगकर चलते रहे। वाहनों की कई किलोमीटर लंबी लाइनें लग गई। आने वाली लाइन में जाने वाले वाहन चालकों ने अपनी गाड़ी घुसा दी। जिसके चलते रुड़की से आने वाली गाड़ी साइड होने पर भी नहीं चल सकी। जाम के दौरान गाड़ियों को निकालने में पुलिस कर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। इस चौराहे पर अक्सर जाम लगता है। इसलिए इलाके के लोगों ने खानपुर चौराहे को जाम चौराहा कहना शुुरू कर दिया है। ब्यूरो
भाजपा ने निकाली रैली, कांग्रेसियों ने फूंका पुतला
जिले में हरिद्वार को छोड़कर अन्य स्थानों पर प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-144 लागू की थी। लेकिन शनिवार को इसकी धज्जियां उड़ाई गई। हरिद्वार में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली में जाने से पहले रुड़की, लक्सर और आसपास में जगह-जगह न सिर्फ लोगों ने एकत्रित होकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया, बल्कि रैली भी निकाली। दूसरी ओर लक्सर में रैली के विरोध में जमा हुए कांग्रेसियों ने पुतला फूंककर आक्रोश जताया।
शाह की हरिद्वार में रैली को लेकर शहर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह लोग जमा हुए, जबकि धारा-144 के तहत पांच या पांच से अधिक लोग सार्वजनिक स्थलों पर एकत्रित नहीं हो सकते। न कोई बैठक या सभा कर सकते हैं। इसके विपरीत न सिर्फ जगह-जगह बैठकें की गई, बल्कि भीड़ ने नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया। रैली को लेकर भाजपाइयों ने लक्सर कस्बे में रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोगों से रैली में पहुंचने के लिए आह्वान किया। कांग्रेसियों ने लक्सर के बालावाली तिराहे पर भाजपा का पुतला फूंका। इस दौरान राजेश रस्तोगी ने कहा कि भाजपाइयों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली को लेकर व्यापारियों से करोड़ों रुपये वसूले हैं। यदि किसी व्यापारी ने वसूली का विरोध किया है तो उसे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने तक का दबाव बनाया गया है। उन्होंने केंद्र से बीजेपी के उन कार्यकर्ताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की है, जिन पर अवैध वसूली का आरोप है। पुतला फूंकने के बाद इंस्पेक्टर जयेदव आर्य मौके पर पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे तो कार्यकर्ता फरार हो गए। कोतवाल जयदेव आर्य ने बताया कि दोनों ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने धारा-144 का उल्लंघन किया है। दोनों पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
भीड़ जमा होने के बाद पूर्व विधायक लंढौरा लौटे
अमित शाह की रैली में जाने वाले वाहनों को लंढौरा की ओर नहीं जाने देने से नाराज पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने मंगलौर बस स्टेशन के बाहर हंगामा किया। यहां पहले ही जाम से जूझ रही पुलिसकर्मियों पर उन्होंने जमकर भड़ास निकाली। मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने के बाद पूर्व विधायक लंढौरा लौट गए।
हरिद्वार में होने वाली अमित शाह की रैली में भाग लेने के लिए वाहनों को पुलिस द्वारा सीधे रुड़की की ओर निकाला जा रहा था। जबकि खानपुर के पूर्व विधायक चैंपियन ने वाहनों को लंढौरा बुलाया था। वाहनों के लंढौरा नहीं पहुंचने पर पूर्व विधायक ने समर्थकों से कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि पुलिस वाहनों को सीधे रुड़की की ओर निकाल रही है और रैली के वाहनों को लंढौरा जाने से रोका जा रहा है। इस पर पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ मंगलौर बस स्टेशन के बाहर पहुंच गए जहां पुलिस शनिवार को लगने वाले जाम से जूझ रही थी। वहां पहुंचते ही पूर्व विधायक ने पुलिस को खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। उन्होंने सीओ व कोतवाल को मौके पर बुलाने को कहा। काफी देर इंतजार करने के बाद भी दोनों अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो पूर्व विधायक भड़क गए। इसी बीच मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ऐसे में पूर्व विधायक मौके पर मौजूद नगर पुलिस चौकी प्रभारी कैलाश बिष्ट से बात कर वापस लंढौरा चले गए। उसके बाद पुलिस ने रैली में शामिल होने जा रही एक बस को लंढौरा की ओर जाने दिया।